दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राकेश मेहता ने मंगलवार को नोएडा स्थित अपने आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 70 वर्षीय मेहता का शव उनके सेक्टर-51 स्थित फ्लैट में पंखे से लटका हुआ मिला। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, लेकिन प्रारंभिक जांच में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को इस दुखद कदम की वजह माना जा रहा है। इस खबर ने प्रशासनिक हलकों में शोक की लहर दौड़ा दी है। राकेश मेहता 1975 बैच के आईएएस अधिकारी थे और उन्होंने दिल्ली सरकार में मुख्य सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य किया था। इसके अलावा वे केंद्रीय गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और अन्य महत्वपूर्ण विभागों में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। सेवानिवृत्ति के बाद वे नोएडा में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। पड़ोसियों और परिचितों के अनुसार, वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और अवसाद में थे। मंगलवार सुबह जब घरेलू सहायिका उनके कमरे में गई तो उसने उन्हें फंदे से लटका पाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। नोएडा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस उपायुक्त (नोएडा) ने मीडिया को बताया कि प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है और इसके पीछे स्वास्थ्य कारण हो सकते हैं। पुलिस मेहता के परिजनों और करीबियों से पूछताछ कर रही है। उनके मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है ताकि इस घटना के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। राकेश मेहता के निधन पर दिल्ली के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल समेत कई वरिष्ठ नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने उन्हें एक कुशल प्रशासक और समर्पित अधिकारी बताया जिनकी सेवाओं को हमेशा याद रखा जाएगा। पूर्व सहयोगियों ने उन्हें विनम्र, कर्मठ और सिद्धांतवादी अधिकारी के रूप में याद किया। आईएएस एसोसिएशन ने भी उनके निधन पर शोक जताते हुए इसे प्रशासनिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर वरिष्ठ नागरिकों और सेवानिवृत्त अधिकारियों के मानसिक स्वास्थ्य की ओर ध्यान आकर्षित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सेवानिवृत्ति के बाद अकेलापन, स्वास्थ्य समस्याएं और उद्देश्यहीनता कई बार अवसाद का कारण बनती हैं। समाज और परिवार को ऐसे लोगों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। राकेश मेहता का जाना न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए एक बड़ी क्षति है। उनकी आत्मा को शांति मिले।