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Breaking News: इज़राइल ने 12 ब्रिटिश नागरिकों की एंट्री पर लगाई रोक, यरूशलम में वाणिज्य दूतावास किया बंद
🕒 5 hours ago

इज़राइल और ब्रिटेन के बीच राजनयिक तनाव चरम पर पहुंच गया है जब इज़राइल ने ब्रिटेन के 12 नागरिकों के देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया और यरूशलम स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास को बंद करने का आदेश जारी कर दिया। यह कदम ब्रिटेन द्वारा पश्चिमी तट में अवैध इज़राइली बस्तियों पर लगाए गए नए प्रतिबंधों और व्यापार प्रतिबंधों के जवाब में उठाया गया है। ब्रिटिश विदेश मंत्री के बयान के बाद इज़राइली विदेश मंत्रालय ने इसे 'एकतरफा और भेदभावपूर्ण' कार्रवाई बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ब्रिटेन सरकार ने हाल ही में घोषणा की थी कि वह इज़राइली बस्तियों से आने वाले सामानों पर प्रतिबंध लगाएगी और इन बस्तियों में कारोबार करने वाली ब्रिटिश कंपनियों को चेतावनी जारी करेगी। ब्रिटेन का मानना है कि ये बस्तियां अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करती हैं और शांति प्रक्रिया में बाधा डालती हैं। इस फैसले के बाद इज़राइल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ब्रिटिश राजनयिकों और अधिकारियों के वीजा रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इज़राइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि ब्रिटेन का कदम 'इज़राइल की सुरक्षा और संप्रभुता पर सीधा हमला' है। यरूशलम में ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास की गतिविधियां तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई हैं। यह दूतावास फिलिस्तीनी नागरिकों को वीजा और अन्य कांसुलर सेवाएं प्रदान करने का प्रमुख केंद्र था। इसके बंद होने से सैकड़ों फिलिस्तीनी नागरिकों की दैनिक जरूरतों पर असर पड़ेगा। ब्रिटेन ने इस कदम को 'अनुचित और तनाव बढ़ाने वाला' बताया है और इज़राइल से फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। दोनों देशों के बीच इस तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है। राजनयिक सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और यूरोपीय संघ के कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के माध्यम से विवाद सुलझाने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र ने भी स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस तरह के कदम दो-राष्ट्र समाधान की संभावनाओं को कमजोर करते हैं। इज़राइल में विपक्षी दलों ने भी सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा है कि यह इज़राइल के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नुकसान पहुंचाएगा। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है अगर दोनों पक्ष अपने रुख पर अड़े रहे। ब्रिटेन ने संकेत दिया है कि वह अपने फैसले से पीछे नहीं हटेगा, जबकि इज़राइल ने चेतावनी दी है कि आगे और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। इस राजनयिक गतिरोध का असर मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ना तय है। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की आवश्यकता अब पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 08 Sep 2026