दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राकेश मेहता का शुक्रवार को नोएडा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। पुलिस के अनुसार उन्होंने अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से प्रशासनिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है। मेहता 1975 बैच के आईएएस अधिकारी थे और उन्होंने दिल्ली सरकार में मुख्य सचिव के अलावा कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी थीं। नोएडा के सेक्टर 100 स्थित उनके आवास पर शुक्रवार सुबह जब घरेलू सहायक ने दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो मेहता का शव पंखे से लटका हुआ मिला। मौके पर फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला माना है। नोएडा पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि मेहता पिछले कुछ समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे, जिसे आत्महत्या का संभावित कारण माना जा रहा है। मेहता के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने उनके परिजनों और करीबियों से पूछताछ शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मेहता के सहकर्मी और पूर्व अधिकारी उन्हें एक कुशल प्रशासक और संवेदनशील इंसान के रूप में याद कर रहे हैं। दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल और कई वरिष्ठ नौकरशाहों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। राकेश मेहता ने अपने लंबे प्रशासनिक करियर में दिल्ली के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और दिल्ली जल बोर्ड जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों के प्रमुख भी रहे। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे सामाजिक कार्यों और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहते थे। उनके अचानक चले जाने से प्रशासनिक बिरादरी स्तब्ध है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। मेहता के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं। अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं। इस दुखद घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल जैसे मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया है।