प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति देते हुए वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के महत्वपूर्ण 150 किलोमीटर लंबे खंड का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने समर्पित माल गलियारे (डीएफसी) के प्रमुख खंडों को भी राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं न केवल गुजरात और महाराष्ट्र के बीच संपर्क को सुगम बनाएंगी, बल्कि देश की लॉजिस्टिक्स और परिवहन व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएंगी। उन्होंने इसे 'नए भारत' की नई गति और नई प्रगति का प्रतीक बताया। वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे का यह नया खंड आर्थिक गतिविधियों को जबरदस्त बढ़ावा देगा। इस एक्सप्रेसवे के चालू हो जाने से वडोदरा और मुंबई के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का हिस्सा है, जो देश के दो सबसे बड़े महानगरों को जोड़ने वाली सबसे लंबी और आधुनिक सड़क परियोजनाओं में से एक है। इसके निर्माण से रास्ते में पड़ने वाले ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। समर्पित माल गलियारे के उद्घाटन को प्रधानमंत्री ने माल ढुलाई के परिदृश्य को बदलने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह गलियारा मालगाड़ियों के लिए अलग ट्रैक उपलब्ध कराएगा, जिससे यात्री ट्रेनों की समयबद्धता सुधरेगी और माल ढुलाई की लागत कम होगी। यह 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को मजबूती प्रदान करेगा। आधुनिक तकनीक से लैस यह गलियारा देश के औद्योगिक केंद्रों को बंदरगाहों से तेजी से जोड़ेगा, जिससे निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने राजनीतिक विरोधियों पर भी तीखा प्रहार किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'छात्रों की गूंज' टिप्पणी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 'झूठ की गूंज' युवाओं को गुमराह नहीं कर सकती। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार जमीनी हकीकत पर काम करने में विश्वास रखती है, न कि हवा-हवाई बातों में। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे विकास की इस गति को पहचानें और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। कुल मिलाकर, वडोदरा में एक ही दिन में राजमार्ग और रेल माल गलियारे जैसी दो बड़ी बुनियादी परियोजनाओं का शुभारंभ भारत के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। ये परियोजनाएं न केवल आवागमन को सुगम बनाएंगी बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत को कम करके भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। सरकार का फोकस स्पष्ट है कि बुनियादी ढांचा विकास ही समृद्धि का राजमार्ग है।