मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम स्थल पर उस समय सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए जब एक शख्स खुद को PMO का अधिकारी बताकर बंदूक के साथ घुसने की कोशिश कर रहा था। ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के लिए मुंबई पहुंचे प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगी एजेंसियों ने तत्परता दिखाते हुए संदिग्ध व्यक्ति को धर दबोचा। इस घटना ने एक बार फिर VVIP सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गिरफ्तार व्यक्ति के पास से एक लोडेड पिस्तौल और फर्जी पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार शख्स की पहचान किरण पटेल के रूप में हुई है, जो गुजरात का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके साथ एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है जो खुद को उसका बॉडीगार्ड बता रहा था। दोनों व्यक्ति बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। सुरक्षा जांच के दौरान जब उनसे पहचान पत्र मांगा गया तो उन्होंने PMO के फर्जी दस्तावेज दिखाए, लेकिन सुरक्षाकर्मियों को उनकी गतिविधियों पर संदेह हुआ और गहन जांच के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच और ATS की टीमें इस मामले की गहन जांच में जुट गई हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी पहले भी इस तरह की धोखाधड़ी में शामिल रहा है। उसके खिलाफ गुजरात में कई मामले दर्ज हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके पास हथियार कहां से आया और उसका असली मकसद क्या था। क्या वह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था या फिर व्यक्तिगत स्तर पर धोखाधड़ी कर रहा था, इन सभी पहलुओं पर जांच चल रही है। सुरक्षा एजेंसियां उसके मोबाइल फोन और कॉल डिटेल्स की भी जांच कर रही हैं। इस घटना के बाद प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। SPG और मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई गई है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं सुरक्षा तंत्र में खामियों को उजागर करती हैं। VVIP मूवमेंट के दौरान बहुस्तरीय सुरक्षा जांच होने के बावजूद फर्जी पहचान पत्र के साथ हथियार लेकर पहुंचना गंभीर चूक है। गृह मंत्रालय ने भी इस मामले का संज्ञान लेते हुए विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि तकनीकी रूप से उन्नत फर्जी दस्तावेज बनाना कितना आसान हो गया है। सुरक्षा एजेंसियों को अब पहचान पत्रों की जांच के लिए अधिक उन्नत तकनीक अपनाने की जरूरत है। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। प्रधानमंत्री का कार्यक्रम सकुशल संपन्न हुआ, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने की आवश्यकता पर बल दिया है।