कोच्चि से अबू धाबी जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान संख्या आईएक्स 415 को उड़ान भरने के लगभग पचास मिनट बाद ही इंजन में तेल के दबाव में खतरनाक गिरावट के कारण वापस कोच्चि हवाई अड्डे पर उतरना पड़ा। विमान ने सुबह निर्धारित समय पर उड़ान भरी थी और 36,000 फीट की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद पायलटों को इंजन नंबर एक के तेल की मात्रा खतरनाक स्तर तक गिरने की चेतावनी मिली। सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए चालक दल ने तुरंत प्रभावित इंजन को बंद कर दिया और विमान को वापस मोड़ने का निर्णय लिया। विमान ने कोच्चि हवाई अड्डे पर अधिक वजन के साथ आपातकालीन लैंडिंग की, लेकिन पायलटों की सूझबूझ और हवाई यातायात नियंत्रण के सहयोग से लैंडिंग पूरी तरह सुरक्षित रही। विमान में सवार सभी 168 यात्री और चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस के प्रवक्ता ने बताया कि यह एक एहतियाती कदम था और यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया। यात्रियों को बाद में वैकल्पिक उड़ान से गंतव्य भेजने की व्यवस्था की गई। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने घटना का संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। विमान के रखरखाव रिकॉर्ड और इंजन के तेल प्रणाली की गहन जांच की जाएगी। एयरलाइन ने भी आंतरिक जांच समिति गठित की है। इस घटना ने एक बार फिर विमानन सुरक्षा मानकों और पायलटों के प्रशिक्षण की महत्ता को रेखांकित किया है। घटना के बाद हवाई अड्डे पर यात्रियों के परिजनों में कुछ देर के लिए चिंता रही, लेकिन सुरक्षित लैंडिंग की सूचना मिलते ही सभी ने राहत की सांस ली। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर चेतावनी प्रणाली के सक्रिय होने और चालक दल की त्वरित प्रतिक्रिया ने किसी बड़े हादसे को टाल दिया। यह घटना विमानन क्षेत्र में सुरक्षा प्रोटोकॉल की सख्ती और निरंतर निगरानी की आवश्यकता को दर्शाती है।