📰 Kotputli News
Breaking News: दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी इमारत ढही, छह की मौत; मालिक गिरफ्तार, राजनीति गरमाई
🕒 1 day ago

राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पीजी (पेइंग गेस्ट) इमारत के अचानक ढह जाने से छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। यह हादसा शनिवार शाम को हुआ जब चार मंजिला इमारत का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, एनडीआरएफ और दिल्ली पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया। देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में छह शव निकाले गए, जिनमें ज्यादातर युवा छात्र और कामकाजी पेशेवर बताए जा रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। जांच में पता चला है कि इस इमारत का मालिक वायुसेना से सेवानिवृत्त एक अधिकारी है, जो गुरुग्राम में एक दुकान चलाता है। इमारत को अवैध तरीके से पीजी के रूप में संचालित किया जा रहा था और इसमें क्षमता से अधिक लोग रह रहे थे। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इमारत की संरचना कमजोर थी और निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। प्रशासन ने इमारत के मालिक, उसकी पत्नी और बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। दिल्ली की एक अदालत ने मालिक और उसकी पत्नी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि बेटे को दो दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। पुलिस गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से निर्माण कराने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही है। इस दर्दनाक हादसे ने दिल्ली में अवैध रूप से चल रहे पीजी और कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ भाजपा पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि नगर निगम और दिल्ली विकास प्राधिकरण की मिलीभगत से ऐसे असुरक्षित भवन धड़ल्ले से चल रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस घटना को प्रशासनिक विफलता बताते हुए प्रधानमंत्री पर आलोचकों को चुप कराने का आरोप लगाया। वहीं, आम आदमी पार्टी ने भी भाजपा शासित नगर निगम को कठघरे में खड़ा करते हुए तत्काल सभी अवैध पीजी की जांच और सीलिंग की मांग की है। दिल्ली के उपराज्यपाल ने घटना का संज्ञान लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये और घायलों को एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही, नगर निगम को 48 घंटे के भीतर सभी अवैध पीजी भवनों का सर्वे कराकर उन्हें सील करने का निर्देश दिया गया है। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर शहरी नियोजन और भवन सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। जहां एक ओर पीड़ित परिवार अपनों को खोने का गम झेल रहे हैं, वहीं प्रशासनिक तंत्र अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता नजर आ रहा है। जरूरत इस बात की है कि केवल मुआवजे और जांच के आदेश तक सीमित न रहकर, भवन निर्माण नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और अवैध निर्माणों पर लगाम लगाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति न हो।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 07 Sep 2026