भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज पूरे उत्तर और मध्य भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों तक मूसलाधार बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उठे निम्न दबाव के क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ के मिलन से बने मौसमी सिस्टम के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में बीते दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे चला गया है। मौसम विभाग की ताजा भविष्यवाणी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में अगले दो दिनों तक अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर समेत कई संभागों में स्कूल-कॉलेज बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य भागों में भी भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत में भी तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दिल्ली-एनसीआर में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है। पालम, सफदरजंग, लोधी रोड मौसम केंद्रों ने पिछले 24 घंटों में रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की है। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिसके चलते निचले इलाकों में बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद में कई अंडरपास जलमग्न हो गए हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में गरज-चमक के साथ 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि की भी आशंका जताई है। प्रशासन ने एहतियातन कई कदम उठाए हैं। NDRF और SDRF की टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है। नगर निगम और PWD के कर्मचारी जलनिकासी के काम में जुटे हैं। रेलवे और हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं - कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं तो कुछ रद्द कर दी गई हैं। दिल्ली हवाई अड्डे पर उड़ानों में देरी की सूचना है। किसानों के लिए भी यह बारिश चिंता का सबब बनी हुई है, क्योंकि खरीफ की फसलें खेतों में पककर तैयार खड़ी हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह मानसून सीजन की सबसे सक्रिय अवधि है और अगले तीन-चार दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने के आसार हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से निकलें, जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें, बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों। प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और आपात स्थिति में तत्काल सहायता का आश्वासन दिया है। इस बारिश से जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है, वहीं जलभराव, ट्रैफिक जाम और फसल नुकसान जैसी चुनौतियां भी सामने आई हैं।