केरल के त्रिशूर जिले में एक दिल दहला देने वाले सड़क हादसे में तमिलनाडु के आठ इंजीनियरिंग छात्रों की मौत हो गई। यह दुर्घटना गुरुवार देर रात उस समय हुई जब एक तेज रफ्तार कार राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही सभी आठ युवकों ने दम तोड़ दिया। स्थानीय पुलिस और बचाव दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। इस हादसे ने एक बार फिर राजमार्गों पर खड़े भारी वाहनों और तेज गति से वाहन चलाने के खतरों को उजागर कर दिया है। मृतक सभी छात्र तमिलनाडु के रहने वाले थे और केरल में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ये छात्र किसी निजी काम से यात्रा पर निकले थे और वापस लौट रहे थे। कार चला रहा युवक संभवतः नींद की झपकी आने या तेज गति के कारण नियंत्रण खो बैठा और सड़क किनारे खड़े ट्रक को देख नहीं पाया। पुलिस ने बताया कि ट्रक चालक ने वाहन को नियमानुसार पार्क किया था या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। साथ ही कार की गति सीमा से अधिक होने की आशंका भी जताई जा रही है। त्रिशूर के पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम की मदद ली जा रही है। ट्रक चालक से भी पूछताछ की जा रही है। केरल के मुख्यमंत्री और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की घोषणा की है। दोनों राज्यों की सरकारें मिलकर शवों को उनके गृह नगर भेजने की व्यवस्था कर रही हैं। इस हादसे ने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों के अवैध पार्किंग, पर्याप्त रोशनी और संकेतकों की कमी तथा तेज रफ्तार पर अंकुश न लगा पाना ऐसी दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि सख्त कानूनों के साथ-साथ जन जागरूकता अभियान चलाने की सख्त जरूरत है। युवा पीढ़ी को विशेष रूप से यातायात नियमों का पालन करने और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। पुलिस की जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। इस बीच, मृतक छात्रों के कॉलेज और उनके गृह नगर में शोक की लहर है। साथी छात्र और शिक्षक उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सड़क पर एक छोटी सी चूक कितनी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन से अपेक्षा है कि वह इस हादसे से सबक लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगा।