रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव में स्थित सुरक्षा सेवा (एसबीयू) के मुख्यालय पर शुक्रवार को बड़ा ड्रोन हमला किया, जिसे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने 'बड़ी वृद्धि' करार दिया है। इस हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए हैं, जबकि मुख्यालय की इमारत के साथ-साथ आसपास की ऊंची इमारतों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। ज़ेलेंस्की ने टेलीग्राम पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि रूसी सेना ने जानबूझकर नागरिक बुनियादी ढांचे और खुफिया एजेंसी के ठिकाने को निशाना बनाया है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, तड़के सुबह कई विस्फोटों की आवाज सुनी गई जब रूसी ड्रोनों ने एसबीयू मुख्यालय पर सटीक हमला किया। कीव के मेयर विटाली क्लिट्सको ने बताया कि हमले के कारण मुख्यालय की इमारत के ऊपरी मंजिलों में आग लग गई और मलबा सड़कों पर बिखर गया। आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। यूक्रेन की वायु सेना ने दावा किया कि उसने हमले में शामिल अधिकांश ड्रोनों को मार गिराया, लेकिन कुछ अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहे। इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में गहरी चिंता पैदा कर दी है। संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ के नेताओं ने नागरिक ठिकानों पर हमले की निंदा की है और रूस से तत्काल युद्धविराम की अपील की है। नाटो महासचिव ने कहा कि यह हमला रूस की निरंतर आक्रामकता को दर्शाता है और यूक्रेन को और अधिक सैन्य सहायता प्रदान करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। वहीं, रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने यूक्रेन के खुफिया और सैन्य कमांड केंद्रों को निशाना बनाया है और हमला अपने उद्देश्यों में सफल रहा। युद्ध के तीसरे वर्ष में प्रवेश करते ही यह हमला संघर्ष की भयावहता को फिर से उजागर करता है। यूक्रेन की सुरक्षा सेवा पर सीधा प्रहार न केवल मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ाने की रणनीति है, बल्कि यह रूस की ओर से युद्ध को लंबा खींचने का संकेत भी देता है। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे हमले यूक्रेन के खुफिया तंत्र को कमजोर करने और नागरिकों में भय पैदा करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद, दोनों पक्षों के बीच तनाव कम होने के आसार फिलहाल नहीं दिख रहे, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता और मानवीय संकट गहराने की आशंका बनी हुई है।