📰 Kotputli News
Breaking News: ट्रंप का दावा: ईरान पर अमेरिका की निगरानी इतनी सख्त कि 'वे बाथरूम भी नहीं जा सकते बिना हमारी नजर के'
🕒 5 days ago

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के खिलाफ अपनी आक्रामक बयानबाजी तेज कर दी है। हालिया बयान में उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की निगरानी ईरान पर इतनी पैनी है कि ईरानी अधिकारी बाथरूम जाने तक की गतिविधि भी अमेरिका से छिपा नहीं सकते। यह बयान ट्रंप के उस पुराने रवैये को दर्शाता है जिसमें वे सैन्य ताकत और निगरानी क्षमताओं का प्रदर्शन कर दबाव बनाने की रणनीति अपनाते रहे हैं। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंकाओं को बल दिया है। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ईरान ने कोई उकसावे वाली कार्रवाई की तो अमेरिका किसी भी समय भारी हमला करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यह अभियान लंबा नहीं चलेगा, बल्कि संक्षिप्त और निर्णायक होगा। इस बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तीन दिनों से जारी तेजी बरकरार रही, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ने के संकेत मिले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की इस धमकी से ईरान परमाणु समझौते को लेकर चल रही वार्ता और जटिल हो सकती है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप अपने पुराने 'दबाव और धमकी' वाले फॉर्मूले पर फिर से चल रहे हैं, जिसका इस्तेमाल उन्होंने 2018 में ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग करते समय किया था। उस समय भी उन्होंने अधिकतम दबाव की नीति अपनाई थी, लेकिन ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को तेज कर दिया था। इस बार भी विश्लेषक सवाल उठा रहे हैं कि क्या सैन्य कार्रवाई की धमकी वास्तविक है या फिर यह केवल चुनावी साल में घरेलू मतदाताओं को लुभाने का हथकंडा है। सीबीएस न्यूज के लाइव अपडेट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि अमेरिका की सैन्य तैयारियां पूरी हैं और ईरान के किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। हालांकि, पेंटागन के सूत्रों का कहना है कि फिलहाल कोई तत्काल हमले का आदेश जारी नहीं किया गया है। ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उसके विदेश मंत्रालय ने पूर्व में चेतावनी दी थी कि किसी भी हमले का जवाब देने की पूरी क्षमता उसके पास है। इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि अमेरिका-ईरान संबंध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गए हैं। ट्रंप की बयानबाजी जहां एक ओर उनके समर्थकों को ताकत का अहसास कराती है, वहीं दूसरी ओर यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर यूरोपीय देश और संयुक्त राष्ट्र, संयम बरतने की अपील कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि क्या यह तनाव कूटनीतिक वार्ता की ओर मुड़ता है या फिर सैन्य टकराव की ओर बढ़ता है। फिलहाल, वैश्विक शांति और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 03 Sep 2026