पुणे में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां संपत्ति के लालच में दो बेटों ने अपने बुजुर्ग माता-पिता को सरेआम सड़क पर लाठियों से बेरहमी से पीटा। यह घटना शहर के एक व्यस्त इलाके में घटी जब पिता ने अपनी जमीन का एक हिस्सा बेचने का फैसला लिया। मां द्वारा जमीन बेचने की जानकारी मिलते ही दोनों बेटे आगबबूला हो गए और उन्होंने अपने ही माता-पिता पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुजुर्ग दंपति ने अपनी आजीविका और चिकित्सा खर्चों के लिए पैतृक जमीन का एक छोटा टुकड़ा बेचने का निर्णय लिया था। जब इस बात का पता उनके दो बेटों को चला तो उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों बेटों ने लाठियां लेकर अपने माता-पिता को घर से घसीटकर सड़क पर लाया और उन्हें बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। आसपास के लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की लेकिन बेटों का गुस्सा इतना भड़का हुआ था कि किसी की नहीं सुनी। बुजुर्ग माता-पिता दर्द से कराहते रहे लेकिन बेटों का दिल नहीं पसीजा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपी बेटों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बुजुर्ग दंपति का बयान दर्ज कर मामला दर्ज कर लिया है। बुजुर्ग पिता ने बताया कि उन्होंने अपनी जिंदगी भर की कमाई से यह जमीन खरीदी थी और बुढ़ापे में सहारे के लिए इसका एक हिस्सा बेचना चाहते थे। लेकिन बेटों को केवल संपत्ति का लालच है। मां के शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पिता भी मानसिक आघात से गुजर रहे हैं। यह घटना समाज में बुजुर्गों के प्रति बढ़ती उपेक्षा और पारिवारिक मूल्यों के पतन का भयावह उदाहरण है। जहां माता-पिता अपनी संतान को पाल-पोसकर बड़ा करते हैं वही संतान संपत्ति के लिए उनके साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार करती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नागरिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। साथ ही बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाने की आवाज भी उठ रही है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही आरोपपत्र दाखिल करेगी। इस घटना ने पूरे देश का ध्यान खींचा है और यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हमारी सामाजिक संरचना इतनी कमजोर हो गई है कि अपने ही माता-पिता की रक्षा नहीं कर सकते। उम्मीद है कि कानून अपना काम करेगा और बुजुर्ग दंपति को न्याय मिलेगा। साथ ही यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि बुजुर्गों का सम्मान और देखभाल हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।