तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय का एक दिल छू लेने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपने काफिले से उतरकर एक बुजुर्ग महिला को अपने महंगे डियोर ब्रांड के धूप के चश्मे उपहार में देते नजर आ रहे हैं। यह घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री मेट्टूर बांध के गेट खोलने के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में एक वृद्ध महिला सड़क किनारे खड़ी उनका अभिवादन कर रही थी, तभी मुख्यमंत्री की नजर उस पर पड़ी और वे तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाकर उसके पास पहुंच गए। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री विजय ने बड़े ही सहज भाव से अपने चेहरे से चश्मा उतारा और उस महिला को पहना दिया। महिला की आंखों में खुशी के आंसू आ गए और उसने आशीर्वाद देते हुए कहा कि ऐसा लगा जैसे फिल्मों में होता है। मुख्यमंत्री ने कुछ देर उससे बातचीत की, उसका हालचाल पूछा और फिर अपने काफिले के साथ आगे बढ़ गए। यह पूरा वाकया वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया और देखते ही देखते यह वीडियो इंटरनेट पर छा गया। सोशल मीडिया पर इस घटना की जमकर तारीफ हो रही है। यूजर्स मुख्यमंत्री की सादगी और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए लिख रहे हैं कि एक मुख्यमंत्री का इस तरह आम जनता के बीच जाकर उनके साथ आत्मीयता से पेश आना दुर्लभ है। कई लोगों ने इसे 'असली नेतृत्व' करार दिया तो किसी ने कहा कि 'यही असली लोकतंत्र है'। वीडियो पर लाखों व्यूज और हजारों कमेंट्स आ चुके हैं, जिनमें लोग मुख्यमंत्री विजय के इस मानवीय पहलू को सलाम कर रहे हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विजय उस दिन मेट्टूर बांध के गेट खोलने के लिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे। इस बांध से कावेरी डेल्टा क्षेत्र के लाखों किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है। बांध के गेट खुलने का इंतजार किसान बेसब्री से कर रहे थे। ऐसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम के बीच में एक आम बुजुर्ग महिला के लिए समय निकालना और अपना कीमती चश्मा उपहार में देना, मुख्यमंत्री की जनता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज कर दी है। विपक्षी दल भी मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना करने से खुद को नहीं रोक पाए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे सहज और मानवीय कदम जननेता की छवि को मजबूत करते हैं। मुख्यमंत्री विजय का यह वीडियो न केवल तमिलनाडु बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है, जो यह साबित करता है कि सत्ता की कुर्सी पर बैठा व्यक्ति अगर जमीन से जुड़ा रहे तो जनता का दिल जीतना मुश्किल नहीं होता।