रूस ने भारत की ओर से जारी निविदा के जवाब में एस-400 'सुदर्शन' वायु रक्षा प्रणाली के पांच अतिरिक्त स्क्वाड्रन की आपूर्ति के लिए अपना प्रस्ताव प्रस्तुत कर दिया है। यह सौदा लगभग 50,000 करोड़ रुपये का होने का अनुमान है और इससे भारतीय वायु सेना की मारक क्षमता में और वृद्धि होगी। सूत्रों के अनुसार रूसी पक्ष ने तकनीकी और वाणिज्यिक दोनों पहलुओं को कवर करते हुए विस्तृत बोली सौंपी है, जिसका मूल्यांकन रक्षा मंत्रालय द्वारा किया जाएगा। भारत ने पहले ही एस-400 प्रणाली के दो स्क्वाड्रन तैनात कर रखे हैं, जिन्हें 'सुदर्शन' नाम दिया गया है। इनकी तैनाती उत्तरी और पूर्वी सीमाओं पर सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ठिकानों पर की गई है। नए पांच स्क्वाड्रन के जुड़ने से वायु रक्षा कवच और मजबूत होगा, विशेषकर ड्रोन, क्रूज मिसाइल और लड़ाकू विमानों जैसे बहुआयामी हवाई खतरों से निपटने में। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह खरीद भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत स्वदेशी प्रणालियों के विकास के साथ-साथ अंतरिम क्षमता वृद्धि की रणनीति का हिस्सा है। प्रस्ताव में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, रखरखाव सहायता और प्रशिक्षण जैसे पहलुओं पर भी जोर दिया गया है। रूसी रक्षा निर्यात एजेंसी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट ने भारतीय आवश्यकताओं के अनुरूप अनुकूलित पैकेज की पेशकश की है। वहीं, भारतीय वार्ता दल कीमत, डिलीवरी समयसीमा और ऑफसेट दायित्वों पर गहन चर्चा करेगा। पूर्व में हुए सौदे के अनुभव के आधार पर दोनों पक्षों के बीच सहज समन्वय की उम्मीद है। इस विकास को क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह भारत की प्रतिरोधक क्षमता को नए स्तर पर ले जाएगा। सौदे के अंतिम रूप लेने पर अगले कुछ वर्षों में चरणबद्ध डिलीवरी शुरू हो सकती है। रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी और निर्धारित खरीद नीति के अनुरूप पूरी की जाएंगी। इस कदम से भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती मिलेगी।