ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने खाड़ी देशों के शासकों को एक लिखित संदेश भेजकर क्षेत्रीय एकता की अपील की है और उनसे 'असली दुश्मन' का मुकाबला करने का आग्रह किया है। यह पत्र ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और गाजा में चल रहा संघर्ष छह महीने पूरे कर चुका है। खामेनेई ने अपने संदेश में मुस्लिम देशों से आह्वान किया है कि वे अपने मतभेदों को भुलाकर एकजुट हों और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए साझा रणनीति बनाएं। पत्र में खामेनेई ने स्पष्ट रूप से इशारा किया है कि क्षेत्र की अस्थिरता का मुख्य कारण बाहरी शक्तियों का हस्तक्षेप है। उन्होंने खाड़ी देशों के नेताओं से कहा है कि वे 'असली दुश्मन' को पहचानें जो क्षेत्र के संसाधनों और संप्रभुता को निशाना बना रहा है। यह संदेश होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव और ईरान के व्यापार पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव की पृष्ठभूमि में आया है। सर्वोच्च नेता ने क्षेत्रीय देशों से अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने और आपसी व्यापार में स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की भी अपील की है। ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, खामेनेई का यह पत्र कई खाड़ी देशों के शासकों को व्यक्तिगत रूप से भेजा गया है। इसमें उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान क्षेत्रीय सहयोग से ही संभव है, न कि विदेशी ताकतों की मध्यस्थता से। पत्र में गाजा में जारी मानवीय संकट का जिक्र करते हुए मुस्लिम देशों से फिलिस्तीनी लोगों के समर्थन में एकजुट होने का आह्वान किया गया है। विश्लेषकों का मानना है कि खामेनेई का यह कदम ईरान की क्षेत्रीय कूटनीति में एक नए चरण का संकेत देता है। जहां एक ओर ईरान पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का दबाव है, वहीं वह खाड़ी देशों के साथ संबंध सुधारकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहता है। हाल के महीनों में सऊदी अरब और ईरान के बीच चीन की मध्यस्थता में हुए समझौते के बाद यह पत्र क्षेत्रीय समीकरणों में बदलाव की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है। हालांकि, खाड़ी देशों की ओर से इस पत्र पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। जानकारों का कहना है कि खामेनेई की अपील पर अमल इस बात पर निर्भर करेगा कि खाड़ी देश अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों को कैसे देखते हैं। लेकिन इतना तय है कि इस पत्र ने क्षेत्रीय राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है और आने वाले दिनों में इसके दूरगामी परिणाम सामने आ सकते हैं।