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Breaking News: कब्जे वाले वेस्ट बैंक के क़ुसरा में इजरायली बसने वालों ने फिलिस्तीनी घर को घेरा, दर्जनों ने किया हमला
🕒 1 week ago

कब्जे वाले वेस्ट बैंक के क़ुसरा गांव में तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया जब दर्जनों इजरायली बसने वालों ने एक फिलिस्तीनी घर को चारों ओर से घेर लिया और उस पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना शनिवार को हुई जब बसने वालों का एक बड़ा समूह गांव में घुसा और एक विशिष्ट घर को निशाना बनाया। इस दौरान उन्होंने पत्थर फेंके, खिड़कियां तोड़ीं और घर के निवासियों को धमकाया। अल जज़ीरा और द हिंदू की रिपोर्टों के मुताबिक, क़ुसरा लंबे समय से बसने वालों की हिंसा का केंद्र रहा है और इस ताजा हमले ने क्षेत्र में भय और असुरक्षा की भावना को और बढ़ा दिया है। फिलिस्तीनी निवासियों ने आरोप लगाया कि इजरायली सुरक्षा बलों ने हस्तक्षेप करने में देरी की, जिससे बसने वालों को मनमानी करने का मौका मिला। इस हमले की गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई दी। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना पर चुप्पी तोड़ते हुए इसे 'आपराधिक हिंसा' करार दिया और इसकी कड़ी निंदा की। टाइम्स ऑफ इजरायल और इंडिया टुडे के अनुसार, नेतन्याहू ने कहा कि कानून को अपना काम करने दिया जाएगा और दोषियों को सजा मिलेगी। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि ऐसी निंदा केवल दिखावे के लिए है क्योंकि बसने वालों के खिलाफ शायद ही कभी ठोस कार्रवाई होती है। इसी बीच, गाजा पट्टी पर इजरायली हवाई हमलों में तीन फिलिस्तीनियों के मारे जाने की खबर भी आई, जिससे स्थिति और अधिक विस्फोटक हो गई है। वेस्ट बैंक में बसने वालों की हिंसा और गाजा पर सैन्य कार्रवाई का एक साथ होना इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष की जटिलता को दर्शाता है। डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट में प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया गया है कि बसने वालों का यह समूह हथियारों से लैस था और उन्होंने व्यवस्थित तरीके से घर पर धावा बोला। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में ऐसे हमलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। फिलिस्तीनी प्राधिकरण ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है और इसे युद्ध अपराध की श्रेणी में रखने की बात कही है। संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने भी चिंता व्यक्त करते हुए इजरायल से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कब्जे वाली भूमि पर फिलिस्तीनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। यह घटना कोई अलग-थलग मामला नहीं है, बल्कि वेस्ट बैंक में जारी व्यवस्थित हिंसा की एक कड़ी है। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध मानी जाने वाली बस्तियों का विस्तार और बसने वालों को दी जा रही छूट फिलिस्तीनियों के लिए दैनिक जीवन को दूभर बना रही है। क़ुसरा जैसे गांव इस हिंसा की अग्रिम पंक्ति में खड़े हैं। नेतन्याहू की निंदा के बावजूद, जमीनी हालात बदलते नहीं दिख रहे हैं। शांति और स्थिरता के लिए आवश्यक है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़े और इजरायल अपनी कानूनी और नैतिक जिम्मेदारियों का पालन करते हुए बसने वालों की हिंसा पर रोक लगाए तथा फिलिस्तीनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

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✍️ By Pradeep Yadav | 29 Aug 2026