📰 Kotputli News
Breaking News: पाक आईएसआई का नया जासूसी जाल: सोशल मीडिया पर 'न्यूडिटी' का लालच देकर रक्षा खुफिया जानकारी चुराने की साजिश, दिल्ली का दंपति गिरफ्तार
🕒 1 week ago

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने भारत के खिलाफ जासूसी का एक नया और खतरनाक तरीका अपनाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 'न्यूडिटी' और अश्लील सामग्री का लालच देकर भारतीय युवाओं को अपने जाल में फंसाया जा रहा है, ताकि उनसे रक्षा प्रतिष्ठानों की संवेदनशील जानकारी हासिल की जा सके। इस सिलसिले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक युवा दंपति को गिरफ्तार किया है, जो आईएसआई समर्थित नेटवर्क के लिए भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान पहुंचाने का काम कर रहे थे। यह मामला देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे की घंटी है। जांच के अनुसार, दिल्ली के रहने वाले इस दंपति से पाकिस्तानी हैंडलर्स ने इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क किया था। उन्हें महज 30,000 रुपये का लालच देकर 8 भारतीय सिम कार्ड दुबई के रास्ते पाकिस्तान भिजवाने का काम सौंपा गया। ये सिम कार्ड पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के एजेंटों द्वारा भारतीय ओटीपी सिस्टम को बाईपास करने, फर्जी खाते बनाने और रक्षा कर्मियों को हनीट्रैप में फंसाने के लिए इस्तेमाल किए जाने थे। दंपति ने इस काम को अंजाम देने के लिए अपने परिचितों और डिलीवरी चैनलों का सहारा लिया, लेकिन दिल्ली पुलिस की साइबर यूनिट ने डिजिटल फुटप्रिंट्स और इंस्टाग्राम चैट हिस्ट्री के जरिए इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। गिरफ्तार दंपति ने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर्स उन्हें लगातार निर्देश दे रहे थे और सिम कार्ड एक्टिवेट कराकर उनके नंबर साझा करने को कह रहे थे। इन नंबरों का इस्तेमाल भारतीय सैन्य ठिकानों, रक्षा प्रतिष्ठानों और संवेदनशील सरकारी दफ्तरों के कर्मचारियों को वीडियो कॉल और चैट के जरिए फंसाने के लिए किया जाना था। 'न्यूडिटी' और अंतरंग बातचीत का लालच देकर ये एजेंट्स टारगेट को ब्लैकमेल करते और फिर उनसे गोपनीय दस्तावेज, लोकेशन डिटेल्स और मूवमेंट प्लान हासिल करते। यह पैटर्न पहले के हनीट्रैप मामलों से कहीं अधिक संगठित और तकनीकी रूप से उन्नत है। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह मामला चिंता का सबब इसलिए भी है क्योंकि सिम कार्ड की तस्करी का यह नेटवर्क दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय हब का इस्तेमाल कर रहा था, जिससे ट्रेस करना मुश्किल हो रहा था। साथ ही, सोशल मीडिया के एल्गोरिदम का दुरुपयोग कर टारगेटेड तरीके से युवाओं और रक्षा कर्मियों को निशाना बनाया जा रहा था। दिल्ली पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस दंपति के अलावा देश में और कितने लोग इस नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। साइबर फोरेंसिक टीम जब्त उपकरणों का विश्लेषण कर रही है ताकि पाकिस्तानी हैंडलर्स की पहचान और उनके भारतीय संपर्कों का पूरा खाका तैयार किया जा सके। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आधुनिक जासूसी पारंपरिक तरीकों से कहीं आगे निकल चुकी है। सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप और अंतरराष्ट्रीय कूरियर नेटवर्क का गठजोड़ दुश्मन एजेंसियों को नई ताकत दे रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा कर्मियों और संवेदनशील पदों पर तैनात अधिकारियों के लिए सख्त सोशल मीडिया गाइडलाइन्स और नियमित साइबर जागरूकता प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाना चाहिए। साथ ही, टेलीकॉम ऑपरेटर्स को सिम कार्ड जारी करने और पोर्टिंग प्रक्रिया में अधिक सख्त केवाईसी मानदंड अपनाने होंगे। यह गिरफ्तारी एक बड़ी कामयाबी है, लेकिन आईएसआई के इस मॉड्यूल को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए खुफिया एजेंसियों को लंबी और समन्वित लड़ाई लड़नी होगी।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 28 Aug 2026