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Breaking News: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम के आयोजकों का एक्स अकाउंट निलंबित, फिर बहाल; अमेरिकी पैनल ने की वीजा रद्द करने की मांग
🕒 1 week ago

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के आगामी न्यूयॉर्क कार्यक्रम से ठीक पहले सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर आयोजकों का खाता निलंबित करने का मामला सामने आया है। कार्यक्रम के आयोजक संगठन 'एएचईएडी' (अमेरिकन हिंदूज फॉर इक्विटी एंड डेमोक्रेसी) का आधिकारिक खाता शनिवार को अचानक निलंबित कर दिया गया, जिससे आयोजन से जुड़ी जानकारियों और संवाद के प्रसार में बाधा उत्पन्न हुई। इस घटनाक्रम ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मंच की नीतियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, कुछ घंटों की अनिश्चितता के बाद संगठन ने घोषणा की कि उनका खाता फिर से बहाल कर दिया गया है और उन्होंने 'वी आर बैक अप' (हम वापस आ गए हैं) लिखकर स्थिति स्पष्ट की। आयोजकों के अनुसार, खाता निलंबन की कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई गई थी, लेकिन यह कार्रवाई कार्यक्रम की तारीख नजदीक आने के साथ हुई। एएचईएडी पदाधिकारियों ने इसे विचारों की अभिव्यक्ति पर अंकुश लगाने का प्रयास बताया। खाता बहाल होने के बाद संगठन ने अपने समर्थकों और अनुयायियों को आश्वस्त किया कि कार्यक्रम पूर्वनिर्धारित योजना के अनुसार ही आयोजित होगा। इस तकनीकी गतिरोध के बावजूद आयोजकों ने अपनी तैयारियां जारी रखीं और डिजिटल माध्यमों से जुड़े रहने के वैकल्पिक उपाय भी तलाशे। इस बीच, अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने एक विवादास्पद बयान जारी कर मोहन भागवत की यात्रा को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। आयोग ने अमेरिकी सरकार से आरएसएस सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने और सरसंघचालक का वीजा रद्द करने की मांग की है। आयोग का आरोप है कि आरएसएस की गतिविधियां धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन करती हैं और इसके नेतृत्व को मंच प्रदान करना अमेरिकी मूल्यों के विरुद्ध है। इस मांग ने भारत-अमेरिका संबंधों के राजनयिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। भारतीय विदेश मंत्रालय और आरएसएस की ओर से इस मांग को पूर्वाग्रह से ग्रसित और तथ्यहीन बताकर खारिज किया गया है। जानकारों का मानना है कि एक गैर-सरकारी आयोग की सिफारिशों का कानूनी बाध्यता नहीं होती, लेकिन यह बयान एक खास एजेंडे के तहत भारत की छवि धूमिल करने का प्रयास है। मोहन भागवत का यह दौरा प्रवासी भारतीय समुदाय के बीच संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर केंद्रित है, जिसे राजनीतिक रंग देना अनुचित है। कुल मिलाकर, सोशल मीडिया पर आयोजकों के खाते का अस्थायी निलंबन और अमेरिकी पैनल की प्रतिबंध संबंधी मांग, दोनों घटनाएं कार्यक्रम से पहले एक चुनौतीपूर्ण माहौल बनाने की कोशिश प्रतीत होती हैं। हालांकि, खाते की त्वरित बहाली और आयोजकों के दृढ़ संकल्प से स्पष्ट है कि कार्यक्रम अपने तय समय पर होगा। यह प्रकरण डिजिटल मंचों की जवाबदेही और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के आंतरिक मामलों को लेकर फैलाए जा रहे विमर्श की जटिलताओं को एक साथ उजागर करता है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 27 Aug 2026