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Breaking News: न्यूयॉर्क के मेयर जोहरन ममदानी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के मैडिसन स्क्वायर गार्डन कार्यक्रम का किया विरोध
🕒 2 weeks ago

न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरन ममदानी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के आगामी मैडिसन स्क्वायर गार्डन कार्यक्रम का कड़ा विरोध किया है। ममदानी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे इस रैली का समर्थन नहीं करते और इसके आयोजन को लेकर गहरी आपत्ति जताई है। भारतीय-अमेरिकी मूल के मेयर ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति साफ करते हुए कहा कि वे न केवल एक भारतीय-अमेरिकी के रूप में बल्कि न्यूयॉर्क शहर के जनप्रतिनिधि के रूप में भी इस कार्यक्रम का विरोध करते हैं। इस विवाद ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय और विभिन्न धार्मिक संगठनों के बीच तीव्र चर्चा छेड़ दी है। इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (आईएएमसी) सहित कई सहयोगी धार्मिक संगठनों ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में मोहन भागवत के कार्यक्रम के विरोध में प्रदर्शन की घोषणा की है। इन संगठनों का आरोप है कि आरएसएस का वैचारिक एजेंडा अल्पसंख्यक विरोधी है और इसके नेताओं को ऐसे प्रतिष्ठित मंच प्रदान करना समाज में विभाजन को बढ़ावा देगा। प्रदर्शनकारियों ने न्यूयॉर्क प्रशासन से इस आयोजन को रोकने की मांग की है। मेयर ममदानी ने अपने बयान में कहा कि वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करते हैं लेकिन साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि नफरत फैलाने वाली विचारधारा को मंच देना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं इस रैली का गहरा विरोध करता हूँ, लेकिन साथ ही मैं संवैधानिक अधिकारों का भी सम्मान करता हूँ।" ममदानी की इस दोहरी स्थिति ने राजनीतिक हलकों में बहस को जन्म दिया है। कुछ समर्थक उनके साहस की सराहना कर रहे हैं तो विरोधी इसे राजनीतिक अवसरवाद बता रहे हैं। इस घटनाक्रम ने भारत-अमेरिका संबंधों के सांस्कृतिक आयाम को भी उजागर किया है। मैडिसन स्क्वायर गार्डन जैसे प्रतिष्ठित स्थल पर आरएसएस प्रमुख का कार्यक्रम भारतीय प्रवासी समुदाय के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव का प्रतीक माना जा रहा था। लेकिन अब इस पर छाए विवाद ने दिखा दिया है कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय आंतरिक रूप से कितना विभाजित है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आयोजन के आयोजक अपने कार्यक्रम पर अड़े हुए हैं जबकि विरोधी गुट कानूनी और प्रशासनिक विकल्प तलाश रहे हैं। अंततः यह विवाद अमेरिका में बहुसांस्कृतिक समाज की जटिलताओं को दर्शाता है जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, धार्मिक सहिष्णुता और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के सवाल आपस में उलझे हुए हैं। मेयर ममदानी का रुख न्यूयॉर्क शहर की समावेशी नीतियों के अनुरूप माना जा रहा है लेकिन इसके दीर्घकालिक राजनीतिक परिणाम अभी अनिश्चित हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अदालती कार्रवाई, सामुदायिक संवाद और संभवतः नीति-स्तरीय बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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✍️ By Pradeep Yadav | 26 Aug 2026