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Breaking News: ऑपरेशन सिंदूर: पूर्व सीडीएस अनिल चौहान का खुलासा, किराना हिल्स पर लॉयटरिंग म्यूनिशन से हुआ था हमला
🕒 2 weeks ago

पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उनके अनुसार, इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के किराना हिल्स स्थित संवेदनशील ठिकाने पर लॉयटरिंग म्यूनिशन (घूमने वाला गोला-बारूद) से हमला किया गया था। जनरल चौहान ने स्पष्ट किया कि यह हमला सुनियोजित रणनीति का हिस्सा था, जिसमें दुश्मन के परमाणु प्रतिष्ठानों की निगरानी और उन्हें निशाना बनाने की क्षमता प्रदर्शित की गई। इस खुलासे ने सामरिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। जनरल चौहान ने विभिन्न मीडिया संस्थानों से बातचीत में बताया कि ऑपरेशन सिंदूर से पहले हुई उच्चस्तरीय बैठकों में सैन्य विकल्पों पर गहन मंथन हुआ था। उन्होंने कहा कि सैन्य निर्णय हमेशा राजनीतिक उद्देश्यों और ऑपरेशनल तैयारियों के आधार पर लिए जाते हैं। पूर्व सीडीएस ने उस घटना का भी जिक्र किया जब एक भारतीय ड्रोन ईंधन की कमी के कारण अनजाने में किराना हिल्स क्षेत्र में चला गया था, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य हमला लॉयटरिंग म्यूनिशन से किया गया था, जो अपनी सटीक मारक क्षमता के लिए जाना जाता है। किराना हिल्स पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित एक संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, जहां परमाणु सुविधाएं होने की आशंका जताई जाती रही है। जनरल चौहान के बयान के बाद सामरिक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने अपनी 'कोल्ड स्टार्ट' डॉक्ट्रिन और सर्जिकल स्ट्राइक क्षमताओं को नए स्तर पर पहुंचा दिया है। लॉयटरिंग म्यूनिशन का उपयोग दर्शाता है कि भारतीय सेना अब लंबी दूरी तक निगरानी करने के साथ-साथ उच्च सटीकता से हमला करने में भी सक्षम है। पूर्व सीडीएस ने यह भी बताया कि ऑपरेशन से पहले हुई बैठक में लिए गए कुछ फैसले 'सोच से बाहर' थे, लेकिन राजनीतिक नेतृत्व की दृढ़ इच्छाशक्ति और सेना की तैयारी ने इन्हें संभव बनाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे ऑपरेशंस केवल सैन्य कार्रवाई नहीं होते, बल्कि ये राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का एक अभिन्न अंग होते हैं, जिनमें कूटनीति, खुफिया जानकारी और सैन्य शक्ति का समन्वय होता है। जनरल अनिल चौहान के इस खुलासे ने न केवल ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को रेखांकित किया है, बल्कि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की भारत की रणनीति का भी संकेत दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह खुलासा पाकिस्तान के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि उसके परमाणु ठिकाने भी भारत की पहुंच में हैं। साथ ही, यह भारतीय रक्षा उद्योग की बढ़ती स्वदेशी क्षमताओं, विशेषकर लॉयटरिंग म्यूनिशन तकनीक में आत्मनिर्भरता, को भी दर्शाता है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 26 Aug 2026