राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में एक गर्भवती रक्षा मंत्रालय अधिकारी का शव उनके आवास पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। पुलिस के अनुसार, अधिकारी ने कथित तौर पर आत्महत्या की है, लेकिन मृतका के परिवार ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए पति और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना ने एक बार फिर दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा जैसे संवेदनशील मुद्दों को उजागर कर दिया है। मृतका रक्षा मंत्रालय में एक वरिष्ठ पद पर कार्यरत थीं और गर्भावस्था के अंतिम चरण में थीं। शनिवार सुबह जब वह अपने कमरे से बाहर नहीं आईं, तो परिजनों ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां वह पंखे से लटकी हुई मिलीं। तुरंत पुलिस को सूचित किया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के संकेत मिले हैं, लेकिन हर कोण से जांच जारी है। मृतका के माता-पिता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि पति और ससुराल वाले गर्भावस्था के दौरान भी उसे मानसिक और शारीरिक यातनाएं देते थे। परिवार का कहना है कि घटना से कुछ दिन पहले ही मृतका ने उन्हें फोन पर अपनी व्यथा सुनाई थी और जान का खतरा बताया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति, सास, ससुर और अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304बी (दहेज मृत्यु), 498ए (पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता) और 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस मृतका के फोन रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और मेडिकल रिपोर्ट की भी जांच कर रही है। इस दुखद घटना ने समाज में व्याप्त दहेज प्रथा और महिलाओं के प्रति हिंसा की भयावह तस्वीर पेश की है। महिला आयोग और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की है। रक्षा मंत्रालय ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि कानूनी प्रक्रिया पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाती है या नहीं।