राजधानी दिल्ली में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की उसकी पत्नी के परिजनों ने कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक युवक प्रतिष्ठित टेक कंपनी एडोब में कार्यरत था और यह वारदात एक मामूली घरेलू विवाद के बाद हुई। पुलिस के अनुसार, घटना उस समय हुई जब मृतक की मां भी मौके पर मौजूद थीं और उन्होंने अपनी आंखों के सामने बेटे को मरते देखा। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है और आगे की जांच जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक बेहद मामूली बात से हुई थी। मृतक की मां ने मीडिया को बताया कि उनके बेटे से बच्चे के छालों पर दवा लगाने को कहा गया था, इसी छोटे से काम को लेकर कहासुनी शुरू हुई जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। पत्नी के परिजन अचानक आक्रामक हो गए और उन्होंने युवक पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मां के मुताबिक, वे असहाय होकर बेटे को बचाने की गुहार लगाती रहीं लेकिन हमलावर नहीं रुके। गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी, उसके माता-पिता और एक अन्य रिश्तेदार को हिरासत में ले लिया है। चारों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में पारिवारिक कलह और घरेलू विवाद ही मुख्य वजह सामने आ रही है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। मृतक की मां का बयान दर्ज कर लिया गया है जो इस मामले में अहम गवाह हैं। इस घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों के खतरनाक परिणामों को उजागर किया है। पड़ोसियों और जानने वालों के मुताबिक, मृतक शांत स्वभाव का था और पेशेवर जीवन में सफल था। उसके असमय निधन से सहकर्मी और मित्र स्तब्ध हैं। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है और लोग कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी। इस दुखद घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है और यह सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे छोटे-छोटे घरेलू मतभेद जानलेवा रूप ले लेते हैं। कानून अपना काम करेगा, लेकिन इस घटना से मिले सबक को भुलाया नहीं जा सकता।