📰 Kotputli News
Breaking News: महाराष्ट्र के लातूर में सरकारी स्कूल में जबरन घुसने और शिक्षकों को धमकाने के आरोप में अभिजीत दीपके पर एफआईआर दर्ज
🕒 2 weeks ago

महाराष्ट्र के लातूर जिले में एक सरकारी स्कूल में बिना अनुमति प्रवेश करने और शिक्षकों को धमकाने के आरोप में सिविल राइट्स एक्टिविस्ट और सेंटर फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) के संयोजक अभिजीत दीपके के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। यह घटना तब सामने आई जब दीपके कथित तौर पर स्कूल का 'निरीक्षण' करने पहुंचे थे, जिसके बाद स्कूल प्रशासन ने उनके व्यवहार पर गंभीर आपत्ति जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के अनुसार, अभिजीत दीपके कुछ लोगों के साथ स्कूल परिसर में दाखिल हुए और उन्होंने प्रधानाध्यापक एवं अन्य शिक्षकों के साथ अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि उन्होंने स्कूल के रिकॉर्ड जबरन देखने की कोशिश की और विरोध करने पर शिक्षकों को धमकाया। स्कूल प्रशासन का कहना है कि दीपके ने खुद को एक ऑडिट टीम का सदस्य बताकर प्रवेश मांगा था, लेकिन उनके पास कोई आधिकारिक अनुमति या पहचान पत्र नहीं था। घटना के बाद शिक्षक संघों ने कड़ी निंदा करते हुए आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि दीपके के साथ आए लोगों में कथित तौर पर 'भाड़े के छात्र' और शराब की बोतलें भी थीं। हालांकि, सीजेपी की ओर से इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा गया है कि वे महाराष्ट्र के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर करने के लिए एक अभियान चला रहे हैं। संगठन का आरोप है कि सरकार उनकी मुहिम को दबाने के लिए झूठे मुकदमे दर्ज करवा रही है। पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी ने बताया कि घटना की वीडियो फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। दीपके पर आईपीसी की धारा 448 (घर में अतिचार), 506 (आपराधिक धमकी), 353 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल) और 34 (सामान्य इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस जल्द ही दीपके को पूछताछ के लिए बुला सकती है। इस घटना ने शिक्षा जगत और नागरिक समाज में एक नई बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर शिक्षकों की सुरक्षा और स्कूलों की पवित्रता बनाए रखने की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्कूलों की बदहाली दिखाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। प्रशासन को चाहिए कि वह निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे ताकि सच सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 23 Aug 2026