नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भाजपा मुख्यालय में पार्टी की नवगठित राष्ट्रीय टीम के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में पार्टी के नवनियुक्त पदाधिकारियों संग आगामी रणनीति, संगठनात्मक विस्तार और युवा मतदाताओं खासकर जनरेशन-जेड को पार्टी से जोड़ने की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने नई टीम को संबोधित करते हुए कहा कि यह मुलाकात नए विचारों और नई दृष्टिकोणों के आदान-प्रदान के लिए है, जिससे पार्टी को जमीनी स्तर पर और मजबूत किया जा सके। बैठक में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, महासचिव (संगठन) बीएल संतोष समेत वरिष्ठ नेतागण मौजूद रहे। बैठक का केंद्रीय विषय युवा शक्ति को संगठन से जोड़ना रहा। पार्टी ने 'छात्रों की गूंज' नामक एक विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत कॉलेज और विश्वविद्यालय परिसरों में युवाओं तक पहुंच बनाई जाएगी। इस अभियान की कमान नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिव नितिन नवीन और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत युवा चेहरों को सौंपी गई है। नितिन नवीन ने पदभार संभालने के बाद अपनी पहली बैठक में इस अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की। पार्टी का मानना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव और आगामी विधानसभा चुनावों में पहली बार मतदान करने वाले करोड़ों युवा निर्णायक भूमिका निभाएंगे, इसलिए उनकी आकांक्षाओं को समझना और उन्हें पार्टी की विचारधारा से जोड़ना समय की मांग है। संगठनात्मक मोर्चे पर भी बड़े फैसले लिए गए। बैठक में कांग्रेस के खिलाफ वंदे मातरम मुद्दे को लेकर एक राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया गया। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राष्ट्रीय गीत का अपमान कर रही है और इसे सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास कर रही है। प्रस्ताव में कहा गया कि वंदे मातरम राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है और इस पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मुद्दे को पार्टी देशभर में जन-जन तक ले जाएगी। साथ ही, नई टीम को बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को लाभार्थियों तक पहुंचाने और विपक्ष के दुष्प्रचार का तथ्यों के साथ जवाब देने का निर्देश दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने नए पदाधिकारियों से संवाद के दौरान फीडबैक मैकेनिज्म पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जमीन से आने वाली हर सूचना और सुझाव केंद्रीय नेतृत्व तक निर्बाध पहुंचनी चाहिए। 'टीम नवीन' के सदस्यों को संबोधित करते हुए पीएम ने उनसे अपेक्षा की कि वे नई ऊर्जा, नई तकनीक और नए विचारों के साथ पार्टी की पहुंच का विस्तार करेंगे। बैठक के बाद नितिन नवीन ने मीडिया से कहा कि प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। हम उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए दिन-रात एक कर देंगे। नई टीम में अनुभव और युवा जोश का संतुलन साफ देखा जा सकता है, जो भाजपा की भविष्य की रणनीति का स्पष्ट संकेत देता है। इस बैठक को 2024 के बाद की राजनीतिक बिसात बिछाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह युवा मतदाताओं, डिजिटल आउटरीच और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के मुद्दों को धार देकर विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की चुनौतियों का सामना करेगी। 'छात्रों की गूंज' अभियान और वंदे मातरम पर प्रस्ताव इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। आने वाले दिनों में नई टीम देशभर में प्रवास करेगी, कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेगी और संगठनात्मक ढांचे को चुस्त-दुरुस्त करेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह पुनर्गठन और युवा केंद्रित रणनीति उसे दीर्घकालिक बढ़त दिला सकती है, बशर्ते जमीनी क्रियान्वयन प्रभावी हो।