कनाडा के एडमंटन शहर स्थित एक गुरुद्वारे में हुए चाकू हमले में दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना रविवार सुबह की है जब एक व्यक्ति ने गुरुद्वारे के अंदर धारदार हथियार से हमला किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस हमले को 'भयावह' करार देते हुए कड़ी निंदा की है और पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। पुलिस के अनुसार, हमलावर की पहचान 32 वर्षीय व्यक्ति के रूप में हुई है जिसे एक दिन पहले ही जेल से रिहा किया गया था। उसने पेचकस जैसे हथियार का उपयोग करके गुरुद्वारे में मौजूद दो श्रद्धालुओं पर हमला किया। दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद गुरुद्वारे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया और फोरेंसिक टीम ने सबूत जुटाए। सिख समुदाय के नेताओं ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। स्थानीय सांसद और सामुदायिक संगठनों ने भी हमले की निंदा करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह की हिंसा अस्वीकार्य है। प्रधानमंत्री कार्नी ने अपने बयान में कहा कि कनाडा में नफरत और हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है तथा दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। पुलिस जांच कर रही है कि क्या यह हमला घृणा अपराध की श्रेणी में आता है। आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य इतिहास और जेल से रिहाई की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। इस घटना ने कनाडा में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। समुदाय के लोग शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं जबकि अधिकारी सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर रहे हैं।