यमन और सोमालिया के समुद्री क्षेत्र में समुद्री लुटेरों द्वारा दो व्यापारिक जहाजों को अगवा करने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। इन दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नाविक सवार थे, जिनकी सुरक्षा को लेकर भारत सरकार सक्रिय हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहला जहाज एक तेल टैंकर है जिसे यमन के तट के पास सशस्त्र लुटेरों ने अपने कब्जे में ले लिया और उसे सोमालिया की ओर मोड़ दिया। दूसरा जहाज एक मालवाहक पोत है जो तुर्की के हथियार लेकर जा रहा था, इसमें 6 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। दोनों घटनाएं लगभग एक ही समय हुईं, जिससे क्षेत्र में समुद्री डकैती के फिर से उभरने का संकेत मिलता है। भारतीय विदेश मंत्रालय और नौसेना ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय दूतावास यमन और सोमालिया के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं और नाविकों की सुरक्षित रिहाई के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। भारतीय नौसेना ने भी क्षेत्र में अपने युद्धपोतों को सतर्क कर दिया है और अंतरराष्ट्रीय नौसेना बलों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में भारतीय नाविकों को निशाना बनाया जाता रहा है, लेकिन लंबे अंतराल के बाद ऐसी बड़ी घटना सामने आई है। समुद्री विशेषज्ञों का मानना है कि सोमालिया के तटीय इलाकों में राजनीतिक अस्थिरता और कमजोर कानून व्यवस्था के कारण समुद्री डकैती फिर से सिर उठा रही है। यमन में चल रहे गृहयुद्ध ने भी इस क्षेत्र की सुरक्षा को कमजोर किया है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने भी चेतावनी जारी कर जहाजों को इस मार्ग से गुजरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। भारतीय जहाजरानी महानिदेशक ने सभी भारतीय जहाजों को एडवाइजरी जारी कर सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। इस घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान समुद्री सुरक्षा की ओर खींचा है। भारत सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। नाविकों के परिजनों से संपर्क साधा जा रहा है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। उम्मीद है कि राजनयिक और सैन्य प्रयासों से जल्द ही सभी भारतीय नाविक सुरक्षित स्वदेश लौटेंगे। इस घटना से सबक लेते हुए भविष्य में ऐसी वारदातों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता है।