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Breaking News: यमन तट पर टैंकर का अपहरण, सोमालिया की ओर मोड़ा गया; समुद्री डकैती का फिर उभार
🕒 2 weeks ago

यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (यूकेएमटीओ) ने जानकारी दी है कि यमन के तट पर एक टैंकर को सशस्त्र लोगों ने अपने कब्जे में ले लिया है और उसे सोमालिया की ओर मोड़ दिया गया है। यह घटना लाल सागर और अदन की खाड़ी के संवेदनशील जलमार्ग में हुई है, जहां पिछले कुछ महीनों से व्यावसायिक जहाजों पर हमले बढ़े हैं। ब्रिटिश नौसेना द्वारा संचालित यूकेएमटीओ ने चेतावनी जारी करते हुए क्षेत्र से गुजरने वाले सभी जहाजों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। इस ताजा घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि यह सोमाली समुद्री डकैतों की गतिविधियों में एक खतरनाक वापसी का संकेत देती है। इस घटना के समानांतर, एक अन्य मालवाहक जहाज के सोमालिया तट पर अपहरण की खबर भी आई है, जिस पर चालक दल के छह भारतीय सदस्य सवार बताए जा रहे हैं। महज चार दिनों के अंतराल में अपहरण की इन दो बड़ी घटनाओं ने हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री डकैती के फिर से सिर उठाने की पुष्टि कर दी है। 'द हिंदू' और 'न्यूयॉर्क टाइम्स' जैसी प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों की रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमालिया के तटीय इलाकों से संचालित डकैत गिरोह एक बार फिर संगठित होकर बड़े जहाजों को निशाना बना रहे हैं। भारतीय नौसेना और विदेश मंत्रालय ने अपहृत भारतीय नाविकों की सुरक्षित रिहाई के लिए कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर प्रयास तेज कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री डकैती के इस नए उभार के पीछे क्षेत्रीय भू-राजनीतिक अस्थिरता प्रमुख कारण है। सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और लाल सागर में हूती विद्रोहियों के हमलों ने अंतरराष्ट्रीय नौसेनाओं का ध्यान और संसाधन इस ओर खींच लिया है, जिसका फायदा उठाकर सोमाली डकैतों ने फिर से अपनी गतिविधियां शुरू कर दी हैं। वर्ष 2011-12 में चरम पर रही सोमाली समुद्री डकैती अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक गश्त और जहाजों पर सशस्त्र गार्ड तैनात करने के बाद लगभग खत्म हो गई थी, लेकिन मौजूदा सुरक्षा शून्यता ने उन्हें फिर से पनपने का मौका दे दिया है। अल जज़ीरा और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस स्थिति को 'समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर झटका' करार दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) और संपर्क समूह जैसे मंचों पर फिर से समन्वित गश्त और सूचना साझा करने की व्यवस्था को मजबूत करने की मांग उठने लगी है। भारत जैसे देश, जिनके हजारों नाविक वैश्विक व्यापारिक बेड़े का हिस्सा हैं, के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है। सरकार ने जहाजरानी कंपनियों को 'बेस्ट मैनेजमेंट प्रैक्टिस' का सख्ती से पालन करने और हाई रिस्क एरिया में प्रवेश से पहले अनिवार्य पंजीकरण कराने का निर्देश दिया है। निष्कर्षतः, यमन तट पर टैंकर का अपहरण और सोमालिया में भारतीय नाविकों वाला जहाज जब्त होना कोई अलग-थलग घटनाएं नहीं, बल्कि एक बड़े खतरे की घंटी हैं। वैश्विक व्यापार की जीवनरेखा कहे जाने वाले इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा किसी एक देश के बस की बात नहीं है। इसके लिए संयुक्त नौसैनिक अभियान, खुफिया जानकारी का 실시간 आदान-प्रदान और सोमालिया की स्थानीय सरकार की क्षमता निर्माण जैसे दीर्घकालिक उपायों की तत्काल आवश्यकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बिना देरी किए एकजुट होकर इस चुनौती का सामना करना होगा, ताकि समुद्री व्यापार की स्वतंत्रता और नाविकों का जीवन सुरक्षित रह सके।

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✍️ By Pradeep Yadav | 21 Aug 2026