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Breaking News: अमेरिका ने ईरान पर अब तक के सबसे कठोर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की, चीन से सहयोग की अपील
🕒 2 weeks ago

अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने ईरान पर अब तक के सबसे कठोर प्रतिबंध लगाने की घोषणा करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहयोग की अपील की है। यह कदम ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों के जवाब में उठाया गया है। बेसेन्ट ने स्पष्ट किया कि ये प्रतिबंध ऐतिहासिक होंगे और ईरान की अर्थव्यवस्था को गहरा झटका देंगे। इस घोषणा के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया और ब्रेंट क्रूड 94 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान का समर्थन करने वाले देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें भयंकर आर्थिक परिणाम भुगतने पड़ेंगे। ट्रम्प ने विशेष रूप से चीन से अपील की कि वह ईरान से तेल आयात बंद करे और प्रतिबंधों का पालन करे। वहीं, ईरान ने अमेरिकी धमकियों को खारिज करते हुए कहा कि वह दबाव के आगे नहीं झुकेगा और अपने परमाणु अधिकारों की रक्षा करता रहेगा। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और कहा कि इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ेगा। इस बीच पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बहाल कराने की पहल की है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक रास्ता अपनाने की अपील की है। भारत ने भी स्थिति पर नजर रखते हुए सभी पक्षों से संवाद के माध्यम से विवाद सुलझाने का आग्रह किया है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव बढ़ा तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चिंता जताई है और पारदर्शिता बढ़ाने की मांग की है। यूरोपीय देशों ने अमेरिकी एकतरफा कार्रवाई पर सावधानी बरतते हुए परमाणु समझौते को बचाने की कोशिश जारी रखने की बात कही है। रूस ने अमेरिकी प्रतिबंधों को अवैध बताते हुए ईरान के साथ आर्थिक संबंध बनाए रखने का संकेत दिया है। विश्लेषकों का कहना है कि नए प्रतिबंधों से ईरान की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा, लेकिन यह भी संभव है कि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियां तेज कर दे। चीन की भूमिका निर्णायक होगी क्योंकि वह ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है। अगर चीन अमेरिकी दबाव में आता है तो ईरान अलग-थलग पड़ सकता है, लेकिन अगर चीन प्रतिबंधों की अनदेखी करता है तो अमेरिका की विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे। आने वाले सप्ताह इस संकट की दिशा तय करेंगे।

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✍️ By Pradeep Yadav | 21 Aug 2026