दिल्ली के टिकरी कलां इलाके में स्थित एक सीएनजी स्टेशन पर मंगलवार को हुए भीषण गैस टैंक विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। इस रहस्यमयी धमाके में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना उस समय हुई जब एक ट्रक सीएनजी भरवा रहा था और अचानक उसके गैस टैंक में विस्फोट हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट के तुरंत बाद सीएनजी स्टेशन पर आग की लपटें उठने लगीं और चारों तरफ धुएं का गुबार छा गया। घायलों को आनन-फानन में नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है। मृतकों में सीएनजी स्टेशन के कर्मचारी और ट्रक चालक शामिल बताए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस और अग्निशमन विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गईं। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी है ताकि विस्फोट के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि विस्फोट ट्रक के सीएनजी सिलेंडर में रीफ्यूलिंग के दौरान हुआ। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह तकनीकी खराबी थी, मानवीय भूल या फिर सिलेंडर में पहले से कोई खामी थी। सीएनजी स्टेशन के रखरखाव और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है। दिल्ली अग्निशमन सेवा के निदेशक ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है लेकिन कूलिंग ऑपरेशन जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और स्टेशन संचालकों से पूछताछ की जा रही है। इस घटना ने राजधानी में सीएनजी स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सीएनजी स्टेशनों पर नियमित सुरक्षा ऑडिट और कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण दिया जाना बेहद जरूरी है। पिछले कुछ वर्षों में इस तरह की घटनाओं में इजाफा हुआ है जिससे आम जनमानस में भय का माहौल है। प्रशासन को चाहिए कि वह सभी सीएनजी स्टेशनों की सुरक्षा जांच कराए और मानकों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करे। घटना के बाद मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और घायलों के नि:शुल्क इलाज की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। स्थानीय सांसद और विधायक भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जान रहे हैं। इस दुखद घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों के सख्ती से पालन की आवश्यकता को रेखांकित किया है।