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Breaking News: ईरान का सख्त रुख: अमेरिका की अंतरिम समझौता शर्तें पूरी होने तक बंद रहेगा हॉर्मुज जलडमरूमध्य
🕒 3 weeks ago

ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य को अनिश्चितकाल के लिए बंद रखने की घोषणा की है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गहरा असर पड़ने की आशंका है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ़ ने स्पष्ट किया है कि यह जलमार्ग तब तक बंद रहेगा जब तक अमेरिका अंतरिम परमाणु समझौते की शर्तों को पूरा नहीं करता। इस कदम ने पश्चिम एशिया में पहले से ही तनावपूर्ण भू-राजनीतिक स्थिति को और बढ़ा दिया है, क्योंकि दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा कच्चा तेल इसी संकीर्ण समुद्री मार्ग से गुजरता है। ईरान के शीर्ष वार्ताकार ने भी अमेरिका पर दबाव बढ़ाते हुए मांग की है कि वाशिंगटन को ईरान के तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को हटाना होगा, तभी हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा। रॉयटर्स और द हिंदू की रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने इसे "अधिकतम दबाव" की नीति के जवाब में "अधिकतम प्रतिरोध" करार दिया है। एनडीटीवी के मुताबिक, ईरान का यह फैसला उसके परमाणु कार्यक्रम पर जारी गतिरोध और अमेरिकी प्रतिबंधों से बिगड़ती अर्थव्यवस्था की पृष्ठभूमि में आया है। दूसरी ओर, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक विवादास्पद बयान में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को "नया अमेरिकी क्षेत्र" घोषित कर दिया, जिससे तनाव और भड़क गया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प के इस बयान को अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के सिद्धांतों का उल्लंघन माना जा रहा है। टेलीग्राफ इंडिया ने विशेषज्ञों के हवाले से चेताया है कि इस तरह के बयानों से क्षेत्र में सैन्य टकराव का खतरा बढ़ गया है, क्योंकि ईरान इसे अपनी क्षेत्रीय अखंडता पर हमला मानता है। इस बंद का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर तुरंत दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है और तेल टैंकरों के मार्ग परिवर्तन से परिवहन लागत बढ़ रही है। भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे प्रमुख तेल आयातक देशों के लिए यह चिंता का विषय है, क्योंकि उनकी ऊर्जा सुरक्षा सीधे इस जलमार्ग पर निर्भर करती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संयम बरतने और कूटनीतिक वार्ता बहाल करने की अपील की है, लेकिन दोनों पक्षों के अड़ियल रुख से समाधान की राह मुश्किल नजर आ रही है। निष्कर्षतः, हॉर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना महज एक क्षेत्रीय विवाद नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी शह-मात के खेल में दुनिया के ऊर्जा बाजार बंधक बन गए हैं। अब सबकी निगाहें आगामी कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हैं कि क्या कोई अंतरिम समझौता हो पाता है या यह गतिरोध लंबा खिंचकर वैश्विक मंदी की आहट को तेज करेगा।

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✍️ By Pradeep Yadav | 18 Aug 2026