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Breaking News: इजराइल लेबनान के साथ 'अधिक गंभीर' वार्ता चाहता है घातक हमलों के बाद, क्षेत्रीय तनाव चरम पर
🕒 3 weeks ago

इजराइल ने लेबनान के साथ अधिक गंभीर और सार्थक वार्ता की मांग की है, जब हाल ही में हुए घातक हमलों ने दोनों देशों के बीच तनाव को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। इजराइली अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान स्थिति असहनीय है और सीमा पर शांति स्थापित करने के लिए तत्काल कूटनीतिक प्रयासों की आवश्यकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब लेबनान के हिजबुल्लाह आतंकवादी समूह और इजराइली सेना के बीच सीमा पार गोलीबारी लगातार जारी है, जिसमें कई नागरिकों और सैनिकों की जान चली गई है। इजराइल के विदेश मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह लेबनान सरकार पर दबाव डाले ताकि वह हिजबुल्लाह को सीमा से पीछे हटने के लिए मजबूर करे। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 के पूर्ण कार्यान्वयन पर जोर देते हुए इजराइल ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी उत्तरी सीमा पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा। लेबनान की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है, जहां प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने कहा है कि उनका देश युद्ध नहीं चाहता लेकिन अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा। इस बीच, क्षेत्रीय तनाव का एक और मोर्चा ईरान और अमेरिका के बीच हार्मुज जलडमरूमध्य को लेकर खुल गया है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने हार्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने की बात कही थी। ईरानी सांसदों ने ट्रंप पर पलटवार करते हुए कहा कि वे अपनी सुरक्षा की चिंता करें, न कि ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करें। ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि हार्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और किसी भी देश का इस पर एकाधिकार नहीं हो सकता। तेल की कीमतों में वृद्धि की आशंका के बीच ट्रंप ने अमेरिकी नागरिकों से कहा है कि वे अधिक गैस कीमतों को स्वीकार करें, क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है। इस बयान ने घरेलू स्तर पर भी विवाद खड़ा कर दिया है। ईरान ने अमेरिकी दबाव को 'आर्थिक आतंकवाद' करार देते हुए कहा कि वह अपने वैध अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि इन समानांतर संकटों ने मध्य पूर्व में अस्थिरता को और बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों मोर्चों पर तनाव कम करने के लिए सक्रिय कूटनीतिक प्रयास कर रहा है। फ्रांस, मिस्र और कतर जैसे देश मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के रास्ते पर लौटने का आह्वान किया है। हालांकि, जमीनी हालात और दोनों पक्षों के कड़े रुख को देखते हुए निकट भविष्य में तनाव कम होने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।

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✍️ By Pradeep Yadav | 16 Aug 2026