पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय शोक की लहर दौड़ गई जब बीरभूम जिले के नलहाटी से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक और विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी का शव पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका हुआ पाया गया। गुरुवार सुबह स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। बनर्जी पिछले कुछ समय से राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय थे और क्षेत्र में उनकी गहरी पैठ थी। आशीष बनर्जी बंगाल की राजनीति में एक जाना-माना चेहरा थे। वे नलहाटी विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक रहे और 2011 से 2021 तक पश्चिम बंगाल विधानसभा के उपाध्यक्ष का पद भी संभाला। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के रूप में उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वे पिछले कुछ दिनों से तनाव में थे, हालांकि इसके पीछे के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। पार्टी कार्यालय में ही उनका शव मिलना कई सवाल खड़े करता है, जिसकी गहन जांच की मांग उठ रही है। घटना की सूचना मिलते ही तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए हैं और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। बनर्जी के परिजनों और करीबी सहयोगियों से पूछताछ की जा रही है ताकि उनकी मानसिक स्थिति और हाल की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिल सके। इस घटना ने बीरभूम जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने इसे व्यक्तिगत त्रासदी बताते हुए राजनीति न करने की अपील की है। बनर्जी के समर्थक और स्थानीय निवासी इस खबर से स्तब्ध हैं। वे उन्हें एक मिलनसार और जनप्रिय नेता के रूप में याद करते हैं जिन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर कार्य किया। उनका अचानक इस तरह जाना राजनीतिक गलियारों में एक शून्य छोड़ गया है। पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। इस बीच, तृणमूल कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ नेता के निधन पर शोक सभा आयोजित करने की घोषणा की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बनर्जी की मृत्यु न केवल पार्टी के लिए बल्कि पूरे बीरभूम क्षेत्र की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके अनुभव और संगठनात्मक कौशल की भरपाई करना आसान नहीं होगा।