झारखंड की राजधानी रांची समेत कई जिलों में छात्रों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा है। हजारों की संख्या में छात्र-छात्राओं ने तिरंगा यात्रा निकालकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस गठबंधन सरकार पर भ्रष्टाचार, नियुक्ति घोटाले और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। छात्रों ने कांग्रेस से मांग की है कि वह झामुमो नीत सरकार से समर्थन वापस ले, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि राज्य में नियुक्ति प्रक्रियाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं बरती गई हैं। जेपीएससी, जेएसएससी समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणामों में धांधली के सबूत होने का दावा किया गया है। छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की चेतावनी दी है। इस बीच, सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र महतो ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा में शामिल होने से उन्हें पुलिस ने जबरन रोका और मारपीट की। इस घटना ने आंदोलन को और हवा दे दी है। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मुख्यमंत्री आवास, राजभवन और सचिवालय के आसपास धारा 144 लागू कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं। वहीं, सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने प्रदर्शन को विपक्ष द्वारा प्रायोजित बताते हुए छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी छात्रों की मांगों पर संवेदनशील है, लेकिन समर्थन वापसी पर फैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं देते और निष्पक्ष जांच का आदेश नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्र संगठनों ने राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग करते हुए ज्ञापन भी सौंपा है। इस पूरे घटनाक्रम ने झारखंड की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। विपक्षी दल भाजपा ने मौके का फायदा उठाते हुए सरकार पर चौतरफा हमला बोला है। आगामी दिनों में अगर छात्रों का आंदोलन और व्यापक होता है, तो यह गठबंधन सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। सभी की निगाहें अब 20 अगस्त के घेराव कार्यक्रम और सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।