इंडोनेशिया के मालुकु द्वीप समूह के निकट शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार भूकंप का केंद्र टरनाटे शहर से लगभग 100 किलोमीटर उत्तर में 30 किलोमीटर की गहराई पर था। स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजकर 47 मिनट पर आए इस झटके ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार इस भीषण आपदा में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई है जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। भूकंप इतना तेज था कि इसके झटके सैकड़ों किलोमीटर दूर तक महसूस किए गए। भूकंप के तुरंत बाद सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों में दहशत फैल गई। प्रशासन ने तटीय समुदायों को तुरंत ऊंचे स्थानों पर जाने का आदेश दिया। टरनाटे और आसपास के इलाकों में कई इमारतें ढह गईं जिनमें घर, स्कूल और सरकारी कार्यालय शामिल हैं। सड़कों पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गईं और बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे लोग घबराहट में इमारतों से बाहर भाग रहे हैं और समुद्र का पानी किनारे की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आपदा प्रबंधन एजेंसी ने तत्काल बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों में रवाना कर दिया है। राष्ट्रपति जोको विदोदो ने पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को राहत कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है। भूकंप के बाद दर्जनों झटके महसूस किए गए हैं जिससे बचाव कार्य में बाधा आ रही है। इंडोनेशिया प्रशांत अग्नि वलय पर स्थित होने के कारण भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट की दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है। वर्ष 2004 में आए विनाशकारी सुनामी की यादें अभी भी लोगों के जेहन में ताजा हैं जिसके कारण इस चेतावनी को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। फिलहाल सुनामी की चेतावनी वापस ले ली गई है लेकिन प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी इंडोनेशिया को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर हमें प्रकृति की विनाशकारी शक्ति का अहसास कराया है। हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं और हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।