राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि भारत की सहनशीलता और उदारता को उसकी कमजोरी समझने की भूल न की जाए। एक कार्यक्रम में बोलते हुए डोभाल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने पूरी दुनिया को यह संदेश दे दिया है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत शांति प्रिय देश है, लेकिन इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि वह अपनी संप्रभुता और नागरिकों की रक्षा के लिए कठोर कदम उठाने से हिचकेगा। डोभाल ने आगे कहा कि भारत की सहनशीलता की एक सीमा है और यदि उसे लांघा गया तो जवाब बेहद सख्त होगा। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि जो ताकतें भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देती हैं, उन्हें समझ लेना चाहिए कि भारत अब पहले जैसा नहीं रहा। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने यह सिद्ध कर दिया है कि वह आतंकवाद के स्रोत पर जाकर प्रहार करने में सक्षम है और भविष्य में भी ऐसा करता रहेगा। इस अभियान ने दुश्मन के मन में एक स्पष्ट भय पैदा किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी डोभाल की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने वैश्विक स्तर पर एक बड़ा संदेश दिया है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी भी सीमा को पार कर सकता है। उन्होंने कहा कि भारत की नीति हमेशा से शांति और स्थिरता की रही है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर दृढ़ता से कायम है। विशेषज्ञों का मानना है कि डोभाल का यह बयान भारत की बदलती सुरक्षा रणनीति का परिचायक है। जहां पहले भारत केवल रक्षात्मक रुख अपनाता था, वहीं अब वह सक्रिय और पूर्व-निर्णायक कार्रवाई में विश्वास रखता है। ऑपरेशन सिंदूर इसी नई नीति का एक सफल उदाहरण है, जिसने न केवल आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया बल्कि दुश्मन को एक कड़ा संदेश भी दिया। निष्कर्षतः, NSA अजित डोभाल की यह चेतावनी स्पष्ट करती है कि नया भारत अपनी शर्तों पर शांति चाहता है, लेकिन उसकी संप्रभुता को चुनौती देने वालों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। ऑपरेशन सिंदूर ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारत की उदारता उसकी शक्ति का प्रतीक है, न कि कमजोरी का।