राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उस समय हड़कंप मच गया जब दिल्ली उच्च न्यायालय और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। यह धमकी 14 अगस्त की देर रात मिली, जिसके तुरंत बाद दिल्ली पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और बम निरोधक दस्ते सहित तमाम सुरक्षा एजेंसियां उच्च सतर्कता पर आ गईं। दोनों स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया, हालांकि अब तक किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक के मिलने की सूचना नहीं है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, धमकी भरा संदेश एक अज्ञात प्रेषक द्वारा भेजा गया था, जिसमें उच्च न्यायालय परिसर और हवाई अड्डे के टर्मिनल क्षेत्रों में बम रखे होने का दावा किया गया था। संदेश मिलते ही उच्च न्यायालय की सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने परिसर को घेर लिया और हर कमरे, गलियारे तथा पार्किंग क्षेत्र की गहन जांच शुरू कर दी। इसी प्रकार हवाई अड्डे पर भी यात्रियों की आवाजाही को कुछ समय के लिए नियंत्रित करते हुए टर्मिनल भवनों, कार्गो क्षेत्र और पार्किंग स्थलों की सघन तलाशी ली गई। खोजी कुत्तों और आधुनिक उपकरणों की सहायता से कई घंटों तक अभियान जारी रहा। सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी के सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, मेट्रो स्टेशनों, बस अड्डों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह स्थल लाल किले की ओर जाने वाले मार्गों पर विशेष नाकाबंदी और वाहनों की सघन जांच की जा रही है। खुिया एजेंसियों ने भी अपने सूचना तंत्र को सक्रिय करते हुए धमकी देने वाले की पहचान और ठिकाने का पता लगाने के लिए साइबर विशेषज्ञों की टीम गठित की है। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने मीडिया को बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच विशेष प्रकोष्ठ को सौंपी गई है। उन्होंने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की। साथ ही आश्वासन दिया कि स्वतंत्रता दिवस के आयोजनों पर किसी भी प्रकार का खतरा नहीं है और सभी कार्यक्रम निर्धारित समय पर सुरक्षित ढंग से संपन्न होंगे। इस घटना ने एक बार फिर त्योहारी मौकों पर सुरक्षा चुनौतियों को रेखांकित किया है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया है। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठकें जारी हैं, ताकि 15 अगस्त का राष्ट्रीय पर्व बिना किसी व्यवधान के गरिमापूर्वक मनाया जा सके।