📰 Kotputli News
Breaking News: उत्तराखंड के चमोली में सुरंग हादसा: पानी और मलबे के सैलाब में छह मजदूरों की मौत, 14 घायल, राहत कार्य जारी
🕒 3 weeks ago

उत्तराखंड के चमोली जिले में एक निर्माणाधीन सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुसने से भयावह हादसा हो गया, जिसमें छह मजदूरों की मौत हो गई जबकि 14 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना रविवार की रात उस समय हुई जब मजदूर सुरंग के अंदर काम कर रहे थे। अचानक पहाड़ से भारी मात्रा में पानी और मलबा सुरंग में घुस आया, जिससे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए तत्काल राहत कार्यों की निगरानी के निर्देश दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और बचाव दल के अनुसार, सुरंग में पानी का बहाव इतना तेज था कि मजदूरों को बाहर निकलने का समय ही नहीं मिला। कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए जबकि कुछ पानी के तेज बहाव में बह गए। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। बचाव दल को सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि सुरंग के अंदर अभी भी पानी भरा हुआ है और मलबा जमा है। प्रशासन ने बताया कि कुछ मजदूर अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों के मु्त इलाज के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हादसे की विस्तृत जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने निर्माण कंपनी से सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल उठाते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी राज्यों में चल रही बड़ी परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक संवेदनशीलता को देखते हुए निर्माण कार्यों में भूगर्भीय सर्वेक्षण और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होना चाहिए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कंपनी ने सुरक्षा उपायों की अनदेखी की और बिना उचित ड्रेनेज सिस्टम के काम कराया जा रहा था। प्रशासन ने निर्माण कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। राहत एवं बचाव कार्य अभी भी युद्ध स्तर पर जारी है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कई टीमें सुरंग के अंदर फंसे लोगों को निकालने में जुटी हुई हैं। प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं ताकि परिजन अपने प्रियजनों की जानकारी ले सकें। इस दुखद घटना ने न केवल मजदूरों के परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है बल्कि पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल लापता मजदूरों को सुरक्षित निकालना और घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करना है।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 14 Aug 2026