उत्तराखंड के चमोली जिले में एक निर्माणाधीन सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुस जाने से बड़ा हादसा हो गया है। इस दुर्घटना में छह मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि दो अन्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए और युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। अब तक 16 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 14 घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। यह हादसा उस समय हुआ जब मजदूर सुरंग के अंदर काम कर रहे थे और अचानक पहाड़ से पानी और भारी मात्रा में मलबा सुरंग में भर गया। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, घटना शनिवार देर रात या रविवार तड़के की बताई जा रही है। चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्र में स्थित इस परियोजना की सुरंग में अचानक जलस्तर बढ़ने और मलबा आने से मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। खराब मौसम और दुर्गम इलाका होने के कारण बचाव कार्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन टीमें लगातार अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी और बचाव एजेंसियों से लगातार संपर्क बनाए रखते हुए ऑपरेशन की निगरानी करने को कहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री से बात कर स्थिति की जानकारी ली और केंद्र की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया है। इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी राज्यों में चल रही बड़ी परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक संवेदनशीलता को देखते हुए निर्माण कार्यों में भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। स्थानीय लोग लंबे समय से इस क्षेत्र में अंधाधुंध निर्माण का विरोध करते रहे हैं। प्रशासन ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। फिलहाल बचाव अभियान पूरी तेजी से चल रहा है और अंदर फंसे शेष लोगों को निकालने के लिए ड्रिलिंग और अन्य आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए हैं और मजदूरों के परिजनों को जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है। पूरा देश इस कठिन घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है और सभी सकुशल वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।