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Breaking News: एयर इंडिया के सभी पायलटों का अनिवार्य डोप टेस्ट शुरू, कप्तान के मारिजुआना पॉजिटिव पाए जाने के बाद बड़ा फैसला
🕒 3 weeks ago

एयर इंडिया ने अपने सभी पायलटों के लिए अनिवार्य नशीले पदार्थों की जांच (डोप टेस्ट) शुरू करने की घोषणा की है। यह कदम तब उठाया गया जब एक कप्तान के शरीर में मारिजुआना (गांजा) के अंश पाए गए। एयरलाइन ने 13 अगस्त से अपने सभी चालक दल के सदस्यों की व्यापक स्क्रीनिंग शुरू कर दी है, जिसमें प्रतिबंधित पदार्थों और दवाओं की जांच शामिल है। इस फैसले को विमानन सुरक्षा के लिहाज से एक ऐतिहासिक और सख्त कदम माना जा रहा है। घटना की जड़ें फुकेट-दिल्ली उड़ान से जुड़ी हैं, जहां भारी वायुमंडलीय हलचल (टर्बुलेंस) के दौरान विमान को नौ चेतावनी संकेत मिले थे। इस उड़ान के कप्तान की बाद में हुई जांच में मारिजुआना के सेवन की पुष्टि हुई। इसके अलावा, हाइड्रोलिक दबाव की समस्या और ऑटोपायलट के डिस्कनेक्ट होने जैसे तकनीकी मुद्दे भी सामने आए। इन घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे, जिसके बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और एयरलाइन प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया। नई नीति के तहत, एयर इंडिया समूह के सभी पायलटों को नियमित अंतराल पर अनिवार्य रूप से ड्रग टेस्ट से गुजरना होगा। इसमें न केवल अवैध नशीले पदार्थ बल्कि ऐसी दवाएं भी शामिल हैं जो उड़ान क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि यह स्क्रीनिंग अंतरराष्ट्रीय मानकों और डीजीसीए के दिशानिर्देशों के अनुरूप है। दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निलंबन या बर्खास्तगी तक शामिल है। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारतीय विमानन क्षेत्र में सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करेगा। पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर चालक दल के नशे में होने की घटनाओं ने नियामकों को सख्त नियम बनाने पर मजबूर किया है। एयर इंडिया की इस पहल को अन्य एयरलाइंस के लिए एक मानक के रूप में देखा जा रहा है। यात्रियों के विश्वास को बहाल करने और आसमान में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसी पारदर्शी और कठोर नीतियों की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अंत में, यह निर्णय केवल एक घटना की प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एक व्यवस्थागत सुधार की शुरुआत है। एयर इंडिया ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आने वाले महीनों में इस स्क्रीनिंग प्रक्रिया के परिणाम और इसके प्रभाव का आकलन किया जाएगा। उम्मीद है कि यह कदम भारतीय विमानन को विश्व के सबसे सुरक्षित विमानन क्षेत्रों में शुमार करने में मील का पत्थर साबित होगा।

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✍️ By Pradeep Yadav | 13 Aug 2026