एयर इंडिया के फुकेत से दिल्ली आ रहे विमान के कप्तान को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, विमान के पायलट ने गांजा (मारिजुआना) का सेवन किया था और वह लगातार दो डोप टेस्ट में फेल पाए गए हैं। इस गंभीर लापरवाही के सामने आने के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा यह मामला विमानन क्षेत्र में नशे की लत और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह घटना एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान से जुड़ी है। उड़ान के दौरान विमान में एक दुर्लभ फ्लाइट-कंट्रोल घटना घटी, जिसके कारण विमान अचानक 300 फीट नीचे आ गया था। इस घटना के बाद जब पायलट का डोप टेस्ट कराया गया तो प्रारंभिक जांच में ही मारिजुआना के अंश पाए गए। नियमों के अनुसार, पुष्टि के लिए दूसरा कन्फर्मेटरी टेस्ट कराया गया, जिसमें भी परिणाम पॉजिटिव आया। दोहरी पुष्टि होने के बाद पायलट को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया गया है और उसका लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पूरे प्रकरण ने विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल की पोल खोल दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि कॉकपिट में बैठे पायलट का नशे में होना सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डालने के समान है। एयर इंडिया ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच बैठा दी है। साथ ही, डीजीसीए ने एयरलाइन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। एएआईबी यह भी जांच करेगी कि क्या उड़ान के दौरान हुई 300 फीट की अचानक गिरावट का सीधा संबंध पायलट की नशे की हालत से था या यह कोई तकनीकी खामी थी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। दोषी पायलट के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक मामला दर्ज करने पर भी विचार किया जा रहा है। इस घटना के बाद सभी एयरलाइंस को अपने क्रू मेंबर्स के रैंडम डोप टेस्ट और मेडिकल जांच को और अधिक सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के मानकों के अनुसार, उड़ान से 12 घंटे पहले तक किसी भी तरह के नशीले पदार्थ का सेवन प्रतिबंधित है। इस घटना ने एक बार फिर विमानन क्षेत्र में पायलटों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की निगरानी व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है। यात्री सुरक्षा सर्वोपरि है और ऐसी लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में और कड़े कदम उठाए जाने की उम्मीद है। एयर इंडिया प्रबंधन ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए फुलप्रूफ सिस्टम तैयार किया जाएगा।