📰 Kotputli News
Breaking News: झारखंड में छात्र आंदोलन तेज: एबीवीपी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष का समर्थन, भाजपा ने बुलाया बंद
🕒 4 weeks ago

झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन मंगलवार को उस समय और उग्र हो गया जब विधानसभा मार्च निकाल रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के दर्जनों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह प्रदर्शन पिछले दिनों छात्रों पर हुई कथित पुलिस बर्बरता के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अगुआई में विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे, तभी पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। इस दौरान हुई झड़प के बाद पुलिस ने बलपूर्वक कार्यकर्ताओं को बसों में भरकर थाने ले गई। घटना के बाद रांची विश्वविद्यालय परिसर समेत आसपास के इलाकों में तनाव व्याप्त हो गया है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इस घटना ने राष्ट्रीय राजनीति का ध्यान भी खींच लिया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर झारखंड के छात्रों को अपना समर्थन देते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है और छात्रों पर लाठीचार्ज निंदनीय है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा ने भी पुलिस कार्रवाई पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि छात्रों की तस्वीरें उन्हें भीतर तक विचलित करती हैं और बल प्रयोग किसी भी सूरत में न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने राज्य सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है। भाजपा का आरोप है कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती और गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) ने छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के साहस की सराहना करते हुए उन्हें आंदोलन का असली नायक बताया है। इस पूरे प्रकरण ने राज्य की कानून-व्यवस्था और छात्र अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष जहां इसे सरकार की तानाशाही बता रहा है, वहीं सत्ताधारी दल के नेता इसे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को पूरे राज्य में फैलाया जाएगा। फिलहाल प्रशासन ने एहतियातन कई इलाकों में धारा 144 लागू कर दी है और सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि झारखंड में छात्र आंदोलन अब महज स्थानीय मुद्दा न रहकर राष्ट्रीय विमर्श का विषय बन चुका है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी और तेज होने के आसार हैं। सभी पक्षों से संयम और संवाद की अपेक्षा की जा रही है ताकि छात्रों के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हो सके।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 11 Aug 2026