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Breaking News: झारखंड में JPSC परीक्षा रद्द होने के बावजूद छात्रों का आंदोलन जारी, CBI जांच की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
🕒 4 weeks ago

झारखंड सरकार द्वारा JPSC की परीक्षा रद्द करने की घोषणा के बावजूद राज्यभर के छात्रों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक इस पूरे प्रकरण की CBI जांच के आदेश नहीं दिए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। सरकार ने भले ही 13 में से 3 परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया हो, लेकिन छात्र संगठनों का कहना है कि यह केवल दिखावा है और उनकी मूल मांगों को अब तक अनसुना किया गया है। रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों में हजारों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे हुए हैं और विधानसभा घेराव की तैयारी कर रहे हैं। छात्र नेताओं का आरोप है कि JPSC परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है और केवल तीन परीक्षाएं रद्द करना पर्याप्त नहीं है। उनका दावा है कि सरकार द्वारा "98 प्रतिशत मांगें मान लेने" का बयान पूरी तरह से भ्रामक है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सभी 13 परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, वे पीछे नहीं हटेंगे। वहीं राज्य सरकार का कहना है कि उसने छात्रों की अधिकांश मांगों पर सहमति जताई है और आंदोलन जारी रखना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार ने छात्रों से वार्ता का प्रस्ताव भी रखा है, लेकिन छात्र संगठन CBI जांच की लिखित गारंटी मांग रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पैलेट गन का इस्तेमाल केवल अत्यंत गंभीर परिस्थितियों में ही किया जाएगा। छात्रों द्वारा घोषित "विधानसभा घेराव" को देखते हुए विधानसभा परिसर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन प्रदर्शनकारी अपने रुख पर कायम हैं। इस गतिरोध के कारण राज्य में शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। इस पूरे प्रकरण ने झारखंड की लोक सेवा आयोग की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है और CBI जांच की मांग का समर्थन किया है। जानकारों का मानना है कि इस संकट का समाधान केवल पारदर्शी जांच और समयबद्ध कार्रवाई से ही संभव है। छात्रों का आंदोलन अब केवल परीक्षा रद्द कराने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े जनांदोलन का रूप ले चुका है। अंत में यही कहा जा सकता है कि झारखंड सरकार के सामने अब दोहरी चुनौती है - एक ओर छात्रों के विश्वास को बहाल करना और दूसरी ओर JPSC जैसी संवैधानिक संस्था की गरिमा को बचाए रखना। इस गतिरोध का शीघ्र समाधान न निकलने पर राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका भी बनी हुई है। उम्मीद है कि सरकार छात्रों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए CBI जांच का आदेश देकर इस संकट का स्थायी समाधान निकालेगी।

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✍️ By Pradeep Yadav | 10 Aug 2026