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Breaking News: झारखंड में JPSC छात्र आंदोलन: सरकार ने की बातचीत, मांगों पर विचार का आश्वासन, लेकिन गतिरोध बरकरार
🕒 1 month ago

झारखंड में JPSC परीक्षा विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ अहम बैठक की। रांची में हुई इस वार्ता में सरकार की ओर से मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जबकि छात्र संगठनों ने अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा। बैठक के बाद सरकार ने छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है, हालांकि पहले दौर की बातचीत किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। बैठक में छात्रों ने JPSC की प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं, परिणाम में देरी, और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रणाली में सुधार किया जाए, परिणाम समय पर घोषित हों, और योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो। सरकार की ओर से मंत्री ने कहा कि छात्रों की चिंताएं जायज हैं और सरकार जल्द ही कोई समाधान निकालेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि JPSC की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाएगी और जरूरी सुधार किए जाएंगे। हालांकि, छात्र संगठन इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं दिखे और उन्होंने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। यह आंदोलन पिछले कई हफ्तों से चल रहा है और इसकी गूंज दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंच चुकी है। JPSC परीक्षा में बार-बार होने वाली गड़बड़ियों से झारखंड के लाखों युवा प्रभावित हुए हैं। छात्रों का आरोप है कि आयोग की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है। इससे पहले भी कई बार छात्रों ने प्रदर्शन किए, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस बार का आंदोलन अधिक व्यापक और संगठित है, जिसमें विभिन्न जिलों के छात्र शामिल हैं। सोशल मीडिया पर भी #JusticeForJPSCStudents ट्रेंड कर रहा है। पहले दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद अब सबकी नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। छात्र संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे लिखित आश्वासन और समयबद्ध कार्ययोजना चाहते हैं, केवल मौखिक वादों से काम नहीं चलेगा। वहीं, सरकार पर भी दबाव बढ़ रहा है क्योंकि यह मुद्दा राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। विपक्षी दलों ने छात्रों का समर्थन करते हुए सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया है। आने वाले दिनों में यदि सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती तो आंदोलन और उग्र हो सकता है। कुल मिलाकर JPSC विवाद झारखंड की शिक्षा व्यवस्था और शासन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। युवाओं का यह आक्रोश केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि व्यवस्थागत खामियों के खिलाफ है। सरकार के लिए यह परीक्षा की घड़ी है - उसे न केवल छात्रों का विश्वास जीतना है, बल्कि JPSC जैसी संस्थाओं की विश्वसनीयता बहाल करनी होगी। देखना होगा कि आने वाले दिनों में सरकार क्या ठोस कदम उठाती है और छात्रों का धैर्य कब तक बना रहता है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 08 Aug 2026