📰 Kotputli News
Breaking News: झारखंड में छात्र आंदोलन जारी: मंत्रियों से वार्ता विफल, अनशनकारी अस्पताल में भर्ती, सरकार बोली - जल्द निकालेंगे हल
🕒 1 month ago

झारखंड की राजधानी रांची में पिछले कई दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा, जब राज्य सरकार के मंत्रियों और आंदोलनकारी छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई अहम बैठक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर जंतर-मंतर से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन अब रांची तक फैल चुका है, जहां सैकड़ों छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। बैठक के बाद छात्र नेताओं ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा, वहीं सरकार की ओर से जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया है। शुक्रवार को राज्य के वरिष्ठ मंत्रियों ने छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ लंबी वार्ता की, जिसमें छात्रों ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में धांधली, प्रश्नपत्र लीक होने और परिणामों में गड़बड़ी के 구체िक प्रमाण प्रस्तुत किए। छात्रों की प्रमुख मांगों में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, प्रभावित परीक्षाओं को रद्द कर पुनर्परीक्षा कराने, और पारदर्शी जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करना शामिल है। हालांकि मंत्रियों ने जांच का आश्वासन दिया, लेकिन तत्काल कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका, जिससे छात्रों में रोष और बढ़ गया। आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 72 घंटे से आमरण अनशन पर बैठे एक छात्र नेता की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें आनन-फानन में रिम्स अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। चिकित्सकों के अनुसार उनका रक्तचाप और शर्करा स्तर खतरनाक स्तर तक गिर गया था। इस घटना के बाद अन्य अनशनकारियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है, वहीं छात्र संगठनों ने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए राज्यव्यापी आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने देर शाम बयान जारी कर कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को समझती है और बातचीत के लिए हमेशा तैयार है। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया है। अब सभी की निगाहें सोमवार को होने वाली अगली दौर की वार्ता पर टिकी हैं, जहां से कोई ठोस हल निकलने की उम्मीद की जा रही है। इस पूरे प्रकरण ने झारखंड की भर्ती प्रणाली की खामियों को उजागर कर दिया है। लाखों युवाओं के सपने और भविष्य दांव पर लगे हैं, ऐसे में सरकार को त्वरित, पारदर्शी और न्यायसंगत कार्रवाई करनी होगी। केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, ठोस कदम उठाने ही होंगे ताकि युवाओं का विश्वास बहाल हो सके और शैक्षणिक-प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता कायम रहे।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 08 Aug 2026