दिल्ली के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए देश की प्रगति का खाका पेश किया। इस अवसर पर उन्होंने मेट्रो से कॉलेज तक की अपनी यात्रा के अनुभव भी साझा किए, जहां वे आम छात्रों के साथ सहजता से बातचीत करते नजर आए। प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम युवाओं से सीधा संवाद स्थापित करने और उन्हें राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए 'दिमागी नक्सली' और 'नाराज फूफा' जैसे शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश की उपलब्धियों को पचा नहीं पा रहे हैं और नकारात्मकता फैलाने में लगे हैं। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2013 और वर्तमान की तुलना करते हुए आर्थिक मोर्चे पर हुई प्रगति के आंकड़े प्रस्तुत किए और युवाओं से आह्वान किया कि वे नकारात्मक शक्तियों से प्रभावित न होकर देश के विकास में योगदान दें। उन्होंने युवा शक्ति को 'अमृत काल' का असली सारथी बताया। प्रधानमंत्री की इन टिप्पणियों पर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने छात्रों के साथ संवाद का राजनीतिकरण कर दिया है। वहीं, सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) जैसे संगठनों ने 'दिमागी नक्सली' जैसे शब्द को पूरी पीढ़ी का अपमान बताते हुए इसकी निंदा की है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए युवाओं को गुमराह कर रही है और असहमति की आवाज को कुचलने का प्रयास कर रही है। कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री ने मेट्रो में सफर करते हुए छात्रों और आम नागरिकों से बातचीत की तस्वीरें साझा कीं। इस दौरान उन्होंने युवाओं की आकांक्षाओं, स्टार्टअप संस्कृति और रोजगार के अवसरों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह यात्रा युवाओं की नब्ज टटोलने और उन्हें सरकार की नीतियों से जोड़ने का प्रयास था। छात्रों ने भी प्रधानमंत्री की इस सहजता की सराहना की। इस पूरे घटनाक्रम को आगामी चुनावों की तैयारी और युवा मतदाताओं को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। जहां एक ओर सरकार इसे युवा सशक्तिकरण का अभियान बता रही है, वहीं विपक्ष इसे सत्ता का दुरुपयोग मान रहा है। बहरहाल, एसआरसीसी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से दिया गया प्रधानमंत्री का संदेश देश के युवाओं में नई ऊर्जा का संचार करेगा या राजनीतिक विवाद को और हवा देगा, यह आने वाला समय बताएगा।