प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) का दौरा किया और छात्रों से सीधा संवाद स्थापित किया। खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मेट्रो की सवारी की, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए। इस दौरान उन्होंने कॉलेज के शताब्दी वर्ष समारोह को संबोधित करते हुए संस्थान द्वारा व्यवसाय और सार्वजनिक जीवन में पीढ़ी-दर-पीढ़ी नेतृत्व तैयार करने के योगदान की सराहना की। प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब देश की अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से बढ़ रही है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों ने भारत को कभी 'फ्रैजाइल 5' (पांच नाजुक अर्थव्यवस्थाओं) की श्रेणी में धकेल दिया था, वे आज देश की 7.8 प्रतिशत की विकास दर को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में 'हाफ वॉटर, हाफ एयर' (आधा पानी, आधी हवा) वाली 13 साल पुरानी पंक्ति को दोहराते हुए युवाओं को समझाया कि कैसे नकारात्मक सोच वाले लोग हर उपलब्धि में कमियां ढूंढते हैं। प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में दिए गए अपने 'होम्योपैथिक डोज' वाले बयान का जिक्र करते हुए कहा कि इस छोटी सी खुराक ने 'दिमागी नक्सलियों' को बेनकाब कर दिया है, जो देश की प्रगति की राह में बौद्धिक बाधाएं उत्पन्न करते हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने छात्रों के सवालों का बड़ी बेबाकी से जवाब दिया और उन्हें नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने एसआरसीसी के पूर्व छात्रों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में हासिल की गई उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्थान केवल डिग्री बांटने वाला नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण की प्रयोगशाला है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को साकार करने में अपनी ऊर्जा लगाएं। मेट्रो से यात्रा करने का उनका निर्णय आम जनमानस के साथ जुड़ाव और सादगी का प्रतीक माना जा रहा है, जिसकी विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी सराहना की। अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि आज भारत वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद स्थिरता और वृद्धि का प्रकाशस्तंभ बना हुआ है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि नीति पंगुता और भ्रष्टाचार के कारण देश का सामर्थ्य दबा हुआ था, लेकिन पिछले एक दशक में संरचनात्मक सुधारों ने अर्थव्यवस्था की बुनियाद को मजबूत किया है। प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों का जिक्र करते हुए युवाओं से इनका लाभ उठाने का आग्रह किया। निष्कर्षतः प्रधानमंत्री मोदी का एसआरसीसी दौरा राजनीतिक संदेश देने के साथ-साथ युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास था। मेट्रो की सवारी से लेकर 'होम्योपैथिक डोज' और 'फ्रैजाइल 5' जैसे प्रतीकों के माध्यम से उन्होंने विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया। यह आयोजन न केवल संस्थान के गौरवशाली इतिहास का उत्सव था, बल्कि भारत की युवा आबादी को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने का एक मंच भी साबित हुआ।