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Breaking News: ऑपरेशन सिंदूर के नायक एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ, विपक्ष ने उठाए सवाल
🕒 5 days ago

अयोध्या में भव्य राम मंदिर के संचालन और प्रबंधन के लिए गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए वायुसेना के पूर्व उपप्रमुख एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए पेशेवर प्रबंधन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। एयर मार्शल मिश्रा की छवि एक कुशल प्रशासक और रणनीतिकार की रही है, जिससे ट्रस्ट को उनके अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद है। एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा का नाम देश के लिए उनके असाधारण योगदान के लिए स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। वे 'ऑपरेशन सिंदूर' के प्रमुख रणनीतिकारों में से एक रहे हैं, जिसने देश की सुरक्षा तैयारियों को नई दिशा दी थी। वायुसेना में लगभग चार दशकों की सेवा के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए परिचालन क्षमता और प्रशासनिक दक्षता का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय रहे हैं। उनकी इसी योग्यता और अनुशासित कार्यशैली को देखते हुए ट्रस्ट के सदस्यों ने सर्वसम्मति से उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना है। नवनियुक्त सीईओ के कंधों पर मंदिर परिसर के दैनिक संचालन, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था का आधुनिकीकरण और ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण दायित्व होंगे। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट का पुनर्गठन करते हुए प्रशासनिक ढांचे को पेशेवर बनाने की कवायद लंबे समय से चल रही थी। एयर मार्शल मिश्रा की नियुक्ति को इसी दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। वे ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के साथ मिलकर कार्य करेंगे और मंदिर निर्माण के शेष कार्यों सहित परिसर के विकास की योजनाओं को गति देंगे। हालांकि, इस नियुक्ति पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस फैसले पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा सभी संवैधानिक और धार्मिक संस्थाओं में अपने लोगों की नियुक्ति कर रही है। उन्होंने इसे 'राम धन की चोरी' करार देते हुए कहा कि न तो भगवान और न ही जनता इसे माफ करेगी। वहीं, ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि चयन पूरी तरह से योग्यता, अनुभव और प्रशासनिक क्षमता के आधार पर किया गया है, इसका किसी राजनीतिक विचारधारा से कोई संबंध नहीं है। निष्कर्षतः, एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज में पेशेवर रुख लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उनके सैन्य अनुभव और प्रशासनिक कौशल से मंदिर प्रबंधन को नई गति मिलने की संभावना है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कैसे वे आस्था के इस केंद्र को विश्वस्तरीय प्रबंधन मानकों के अनुरूप ढालते हैं, साथ ही श्रद्धालुओं की आस्था और सुविधा का ध्यान रखते हुए विवादों से परे एक आदर्श व्यवस्था कायम करते हैं।

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✍️ By Pradeep Yadav | 02 Sep 2026