📰 Kotputli News
Breaking News: नेपाल में प्रलयंकारी बाढ़ से 675 मौतें, भारत ने भेजी सुरंग बचाव टीम, वैश्विक सहयोग की अपील
🕒 1 week ago

नेपाल में आई भीषण आकस्मिक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है जिसमें अब तक 675 लोगों की जान जा चुकी है। इस प्राकृतिक आपदा ने नेपाल के साथ-साथ तिब्बत क्षेत्र को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया है। भारत ने तत्परता दिखाते हुए विशेष सुरंग बचाव दल को नेपाल भेजा है जो फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए दिन-रात प्रयासरत है। इस विनाशकारी घटना ने जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे को फिर से रेखांकित किया है। बाढ़ की विभीषिका इतनी भयानक है कि सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं, पुल और सड़कें बह गई हैं तथा संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। तिब्बत में चीन की सूचना पाबंदी के कारण वहां हुई तबाही का स्वतंत्र आकलन करना मुश्किल हो रहा है। नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से 'वैश्विक प्रयास' का आह्वान करते हुए जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न सहायता एजेंसियां राहत सामग्री और चिकित्सा दल भेजने की तैयारी में जुट गई हैं। भारतीय बचाव दल में सुरंग विशेषज्ञ, एनडीआरएफ के जवान और चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं जो अत्याधुनिक उपकरणों के साथ दुर्गम पहाड़ी इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। अब तक कई लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है लेकिन सैकड़ों अब भी लापता हैं। मौसम विभाग ने आगे भी भारी बारिश की चेतावनी दी है जिससे बचाव कार्यों में बाधा आ सकती है। नेपाल-तिब्बत सीमा पर नई बाढ़ की आशंका से स्थिति और गंभीर बनी हुई है। इस त्रासदी ने हिमालयी क्षेत्र की पारिस्थितिक संवेदनशीलता और जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी प्रभाव को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लेशियर पिघलने, अनियोजित विकास और चरम मौसम की घटनाओं में वृद्धि से ऐसी आपदाएं भविष्य में और बढ़ सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय सहयोग, पूर्व चेतावनी प्रणाली को मजबूत करना और टिकाऊ विकास नीतियों को अपनाना ही इस संकट का दीर्घकालिक समाधान है। मानवता के सामने खड़ी इस चुनौती का सामना सामूहिक जिम्मेदारी और तत्परता से ही किया जा सकता है।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 30 Aug 2026