📰 Kotputli News
Breaking News: हल्द्वानी में खड़गे की रैली के बाद 'शुद्धिकरण' पर राहुल गांधी ने की एफआईआर की मांग, बताया छुआछूत
🕒 1 week ago

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद आयोजित 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान को लेकर कड़ी आपत्ति जताते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। राहुल ने इस कृत्य को सीधे तौर पर 'छुआछूत' की संज्ञा दी और कहा कि यह संविधान और दलितों के सम्मान का घोर अपमान है। उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में भूचाल आ गया है और भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। यह मामला अब केवल एक स्थानीय घटना नहीं रह गया है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक न्याय और राजनीतिक शुचिता की बहस का केंद्र बन चुका है। दरअसल, हल्द्वानी में खड़गे की जनसभा समाप्त होने के बाद कुछ स्थानीय भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा मंच और आसपास के क्षेत्र को गंगाजल छिड़क कर 'शुद्ध' किया गया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दलित समुदाय से आने वाले पार्टी अध्यक्ष की रैली के बाद ऐसा करना उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। राहुल ने इसे आरएसएस-भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता का प्रतीक बताते हुए उत्तराखंड सरकार से दोषियों पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। वहीं, भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे 'नए तरीके से संघर्ष पैदा करने' की साजिश करार दिया। उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने शुद्धिकरण अनुष्ठान का बचाव करते हुए कहा कि यह हिंदू परंपरा का हिस्सा है और किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के बाद स्थान की पवित्रता के लिए ऐसा किया जाता है, इसका जाति से कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए जातिगत भावनाएं भड़काकर समाज को बांटने का प्रयास कर रही है। इस विवाद ने उत्तराखंड की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है, जहां दलित मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मामले में एफआईआर दर्ज होती है तो यह अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। फिलहाल, प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और दोनों दल अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं। यह प्रकरण एक बार फिर भारतीय राजनीति में जातिगत अस्मिता और प्रतीकात्मक राजनीति की गहरी जड़ों को उजागर करता है।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 29 Aug 2026