📰 Kotputli News
Breaking News: दिल्ली-एनसीआर में मूसलाधार बारिश का कहर: उड़ानें डायवर्ट, जलभराव और ट्रैफिक जाम से जनजीवन अस्त-व्यस्त, रेड अलर्ट जारी
🕒 1 week ago

उत्तर भारत में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट के बीच शुक्रवार को भी राजधानी और आसपास के इलाकों में झमाझम बारिश होती रही, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया। लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में भारी जलभराव, प्रमुख सड़कों पर घंटों लंबा ट्रैफिक जाम और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों के डायवर्ट होने की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है। भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर हवाई यातायात पर पड़ा है। दिल्ली हवाई अड्डे पर खराब दृश्यता और जलभराव के चलते कई उड़ानों को जयपुर, लखनऊ और अहमदाबाद जैसे नजदीकी हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट करना पड़ा। वहीं, सड़क यातायात भी बुरी तरह चरमरा गया है। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे, धौला कुआं, मिंटो ब्रिज, आईटीओ और प्रगति मैदान समेत दर्जनों प्रमुख मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। गुरुग्राम और नोएडा में भी कई अंडरपास और सर्विस लेन पानी में डूब गए, जिससे दफ्तर जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 24 घंटों के लिए भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड अलर्ट बरकरार रखा है। विभाग के अनुसार, मानसून की सक्रियता और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते यह स्थिति बनी हुई है। दिल्ली सरकार और एनडीआरएफ की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। नगर निगम के कर्मचारी जलभराव वाले इलाकों में पंप लगाकर पानी निकालने में जुटे हैं, लेकिन बारिश की रफ्तार इतनी तेज है कि प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। जलभराव और ट्रैफिक अव्यवस्था के चलते कई स्कूलों ने अवकाश घोषित कर दिया, जबकि निजी कंपनियों ने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी। डॉक्टरों ने बारिश के मौसम में जलजनित बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड के खतरे के प्रति आगाह किया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें, बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखें और बहुत जरूरी होने पर ही घर से निकलें। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रह सकता है। इसके बाद मानसून की गति धीमी पड़ने की संभावना है। तब तक प्रशासनिक एजेंसियों के लिए जल निकासी और यातायात प्रबंधन बड़ी चुनौती बने रहेंगे। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर बनाए रखें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि जान-माल का नुकसान रोका जा सके।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 25 Aug 2026